
रायगढ़, 27 फरवरी 2026 : ग्रामीण अंचलों तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ और प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला रायगढ़ में नवनियुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। दो पृथक बैचों में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के सभी विकासखंडों से लगभग 90 सीएचओ ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के निर्देशन एवं जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. केनन डेनियल, डॉ. सुमित शैलेंद्र कुमार मंडल एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैकरा के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर्स अतीत राव और निशा पटेल ने मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की प्रारंभिक पहचान (स्क्रीनिंग), सामुदायिक स्तर पर परामर्श प्रक्रिया और उचित रेफरल प्रणाली पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। सीएचओ को बताया गया कि वे ग्रामीण स्तर पर ही मानसिक विकारों के शुरुआती लक्षणों को पहचानकर मरीजों को समय पर उचित उपचार के लिए मार्गदर्शन प्रदान करें, जिससे जमीनी स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं और सुदृढ़ हो सकें।
टेली-मानसः 24 घंटे निःशुल्क परामर्श की सुविधा
प्रशिक्षण के दौरान भारत सरकार की टोल-फ्री मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन ‘टेली-मानस’ की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई। 14416 एवं 1800-891-4416 नंबर पर 24 घंटे, सातों दिन उपलब्ध यह सेवा पूर्णतः निःशुल्क है। इसके माध्यम से कॉल करने वाले सीधे प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिकों और मनोचिकित्सकों से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। यह सेवा पूर्ण गोपनीयता, बहुभाषी सहायता तथा मानसिक संकट की स्थिति में तत्काल मार्गदर्शन प्रदान करती है। डिजिटल कनेक्टिविटी के माध्यम से दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी घर बैठे विशेषज्ञ सलाह ले सकते हैं। इस पहल से न केवल मानसिक स्वास्थ्य के प्रति व्याप्त भ्रांतियां दूर होंगी, बल्कि समाज में इस विषय को लेकर संवेदनशीलता और जागरूकता भी बढ़ेगी।



