
यरुशलम : इजरायल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभियान के बीच इजरायली वायु सेना ने ईरान भर में सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। इजरायली सेना ने आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि इन हमलों में ईरानी रक्षा नेतृत्व के सात वरिष्ठ अधिकारी मारे गए हैं। वहीं ईरान ने भी एक साथ आठ देशों पर हमले किए हैं।
इजरायली वायु सेना ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया कि आईएएफ के लड़ाकू विमानों ने ईरान भर में सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिसमें ईरानी रक्षा नेतृत्व के 7 वरिष्ठ अधिकारी मारे गए: अली शमखानी, मोहम्मद पाकपुर, सालेह असादी, मोहम्मद शिराजी, अजीज नासिरजादेह, हुसैन जबल अमेलियन और रजा मुजाफ़्फरी-निया। उनके बिना दुनिया एक बेहतर जगह है।
- अली शमखानी – ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के पूर्व सचिव और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी सलाहकार।
- मोहम्मद पाकपुर – इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर-इन-चीफ, जो इजरायल के खिलाफ रणनीतिक हमलों के प्रमुख प्लानर माने जाते थे।
- अज़ीज़ नासिरज़ादेह – ईरान के रक्षा मंत्री।
- अन्य: सालेह असादी, मोहम्मद शिराज़ी, हुसैन जबल अमेलियन और रज़ा मुज़ाफ़्फ़री-निया – ये सभी IRGC और सैन्य खुफिया तथा रणनीतिक विभागों से जुड़े उच्च पदाधिकारी थे।
यह हमला 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसे इजरायल ने “ऑपरेशन रोअरिंग लायन” और अमेरिका ने “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 200 इजरायली लड़ाकू विमानों ने ईरान में 500 से अधिक सैन्य लक्ष्यों – मिसाइल लॉन्च साइट्स, एयर डिफेंस सिस्टम और बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों – पर हमले किए। यह इजरायली वायु सेना के इतिहास का सबसे बड़ा फ्लाईओवर माना जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई भी इन हमलों में मारे गए हैं, हालांकि ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है और कहा है कि उसके नेता “सुरक्षित” हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल और क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है।



