
ब्रेस्ट कैंसर से हर साल दुनियाभर में लाखों महिलाएं अपनी जान गंवा रही हैं. एक समय था जब 40 से 50 साल की उम्र के बाद महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले ज्याद देखने को मिलते थे. कुछ सालों में भारत में चिंताजनक बदलाव देखने को मिला है.
आज के समय में 30 से 40 की उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ब्रेस्ट रेडियोलॉजी विभाग अपोलो एथेना अस्पताल की ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर ज्योति वाधवा से जानते हैं भारत में कम उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क क्या है.
कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर क्यों बढ़ रहा है?
डॉक्टर ज्योति वाधवा ने बताया कि भारत में कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर के मामले के पीछे कई कारण हो सकते हैं. बदलती लाइफस्टाइल, तनाव, हार्मोनल असंतुलन, देर से शादी या मातृत्व, अनहेल्दी खान-पान और जागरूकता की कमी जैसे कई कारण हो सकते हैं.
बदलती लाइफस्टाइल और खानपान
आज के समय में प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड और हाई कैलोरी डाइट का अधिक सेवन करते हैं. इस डाइट से मोटापा और हार्मोनल इंबैलेंस की समस्या का रिस्क बढ़ता है, जो कि कैंसर के जोखिम को बढ़ सकता है.
तनाव
डॉक्टर ज्योति वाधवा के अनुसार लंबे समय तक तनाव में रहने से कोर्टिसोल बढ़ता है जो कि कैंसर का कारण बन सकता है. तनाव लेने से इम्यून सिस्टम भी कमजोर होता है. स्वस्थ रहन के लिए तनाव को मैनेज करें. ब्रेस्ट कैंसर होने का कारण तनाव और मोटापा भी हो सकता है.
शराब और स्मोकिंग
अल्कोहल और स्मोकिंग करने से भी ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ सकता है. शराब और स्मोकिंग करने से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और हार्मोनल बदलाव होता है जिससे कैंसर का रिस्क बढ़ता है.
क्या ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम हो सकता है कम?
डॉक्टर के अनुसार हेल्दी आदतों को अपनाकर कैंसर के रिस्क को कम किया जा सकता है.
रोजाना एक्सरसाइज करें
रोजाना एक्सरसाइज करने से हार्मोन संतुलन बनाए रखते हैं जो कि कैंसर के रिस्क को कम करते हैं.
बैलेंस डाइट
बैलेंस डाइट का सेवन करें. थाली में फल, सब्जियां, हाई फाइबर फूड को थाली में शामिल करें.
शराब और स्मोकिंग
शराब और स्मोकिंग करने से बचना चाहिए. क्योंकि इनका सेवन करने से कैंसर का रिस्क बढ़ता है.



