
दूध को प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। एक कप दूध में लगभग 8.14 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जो कि मुख्यरूप से केसीन और व्हे प्रोटीन होता है। दूध तो दूध है, आखिर, ए2 मिल्क को बाकी दूध से ज्यादा बेहतर क्यों माना जाता है और इसकी कौन-सी खूबियां इसे अलग बनाती हैं।
अगर पौष्टिकता की बात करें तो ए2 मिल्क भी आम गाय का दूध ही है लेकिन इसमें सिर्फ एक ही प्रकार का बीटा-केसिन प्रोटीन पाया जाता है। वहीं रेगुलर मिल्क में ए1 और ए2 बीटा-केसिन पाया जाता है। ए1 प्रोटीन जहां छोटी आंत में पचकर बीटा-केसोमोर्फिन-7 (BCM-7) बनाता है और बीसीएम-7 वहां एब्जॉर्ब कर खून में पहुंच जाता है।
इससे पेट में गड़बड़ पैदा होती है और लेक्टोज इंटॉलरेंस जैसे लक्षण नजर आने लगते हैं। जबकि ए2 मिल्क की बनावट लगभग ब्रेस्ट मिल्क के साथ-साथ बकरी, भेड़ और भैंस के दूध जैसी होती है।
ए2 मिल्क इनका भी अच्छा स्रोत माना जाता है
- विटामिन ए
- विटामिन डी
- विटामिन बी12
- कैल्शियम
- थाइमिन
- राइबोफ्लेविन
- पोटेशियम
- ओमेगा-3 फैटी एसिड्स
ब्लड प्रेशर सही रखता है
खून में ट्राइग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाने से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। लेकिन ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त ए2 मिल्क पीने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर काफी हद तक कम होता है। इसमें मौजूद पोटेशियम भी ब्लड प्रेशर में काफी फायदेमंद है।
विटामिन डी का संबंध मूड डिसऑर्डर से भी होता है,ऐसे में विटामिन डी युक्त ए2 मिल्क पीने से सीजनल मूड डिसऑर्डर के लक्षणों में सुधार होता है।
आंखें होती हैं हेल्दी
विटामिन-ए रेटिना और कॉर्निया की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। ए2 मिल्क में मौजूद विटामिन ए आपकी आंखों को हेल्दी बनाता है। इसका नियमित रूप से सेवन करने से यह आपको कैटेरेक्ट या मोतियाबिंद के खतरे से भी बचाता है।
- मिल्क एलर्जी: अगर आपको मिल्क एलर्जी है तो ए2 मिल्क हेल्दी विकल्प नहीं है और आपको इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
- लेक्टोज इंटॉलरेंस: वैसे तो कुछ लोग इस स्थिति में भी ए2 मिल्क पचा लेते हैं लेकिन अपने लक्षणों और डॉक्टर की सलाह पर ही इसे लें।
ये हैं रेगुलर दूध के विकल्प
- सोय मिल्क
- आमंड मिल्क
- ओट मिल्क
- कोकोनट मिल्क
- राइस मिल्क



