
देश के अलग-अलग हिस्सों से गैस की सप्लाई को लेकर पैनिक बटन दब गया है. होटल बंद होने के कगार पर आ गए हैं. इसमें पहला नाम है दिल्ली का जहां कई जगह गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी लाइन देखी जा रही है. दावा है गैस सिलेंडर की क्राइसिस इतनी ज़्यादा हो गई है कि अब रेस्टोरेंट के मालिक गैस एजेंसियों को धमकी तक दे रहे हैं.अगला शहर मुंबई है, जहां कमर्शियल गैस की सप्लाई नहीं हो रही है. कई होटल में स्टॉक ख़त्म होने का दावा किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि गैस की कमी की वजह से कई बड़े सेक्टर के लिए गंभीर संकट खड़ा हो गया है और वो बंद होने की कगार पर हैं. इसके अलावा भोपाल में भी गैस वाली लड़ाई है और रेस्टोरेंट के मालिकों का ब्लड प्रेशर हाई है.
गैस की किल्लत से परेशानी:- यहां भी गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भयंकर भीड़ है. इसके वीडियो भी आए. लखनऊ की बात करें तो यहां दावा है कि करीब एक हफ्ते से लोगों तक गैस सिलेंडर नहीं पहुंचा है. यहां गैस की कमी की वजह से कई होटल्स को बंद करने की नौबत आ गई है. ऐसा दावा खुद होटल के मालिकों ने किया है. इसके अलावा बेंगलुरू में 1943 से चल रहा प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट, विद्यार्थी भवन बंद होने की कगार पर है.
सरकार ने उठाया ये कदम:- इस गैस संकट वाले सायरन पर सरकार का बयान भी सामने आया. सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता, आपूर्ति के साथ समान वितरण को नियंत्रित करने के लिए Essential Commodities Act यानी जरूरी वस्तु अधिनियम 1955 की शक्तियों का इस्तेमाल किया है.
LPG की कालाबाज़ारी पर सख्त एक्शन:- सरकारी सूत्रों के अनुसार ये ख़बर आई है कि LPG की सप्लाई में किसी भी तरह की परेशानी नहीं है. ये भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी LPG डिस्ट्रीब्यूटर का गोदाम खाली नहीं है और साथ ही चेतावनी भी है कि अगर किसी ने LPG की कालाबाज़ारी की तो उन पर सख्त एक्शन लिया जाएगा.
गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतार:- हालांकि दिल्ली मुंबई की तरह भोपाल-लखनऊ और बेंगलुरू तक लोग गैस वाला तनाव झेल रहे हैं. एजेंसियों के बाहर लंबी लंबी कतार है और गैस के लिए इंतज़ार है. वैसे ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लॉक करने के लिए दुनिया को जो शॉक लगा है उस पर भारत में भी चिंतन और मंथन शुरू हो गया है. मंगलवार को इसे लेकर कई अहम बैठकें भी हुई हैं.विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी भी पीएम से मिलने पहुंचे तेल और गैस संकट पर विमर्श हुआ.
कैबिनेट मीटिंग में भी मंत्रियों को विशेष संदेश:- इसके बाद पीएम मोदी ने कैबिनेट मीटिंग में भी मंत्रियों को विशेष संदेश दिया है. पीएम मोदी ने ये सुनिश्चित करने को कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध वाले संकट का असर आम आदमी पर ना पड़े. इसके लिए उन्होंने मंत्रालय और विभागों को आपस में मिलकर काम करने का सुझाव दिया और साथ ही कहा कि किसी भी संभावित चुनौती के लिए पूरी तैयारी रखनी चाहिए.हालांकि विपक्ष का आरोप है कि भारत में तेल और गैस वाले संकट से जनता का हाल बेहाल है और सरकार तमाशा देख रही है.



