सनातन धर्म में हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित किया गया है. साथ ही हर दिन किसी न किसी ग्रह की पूजा की जाती है. गुरुवार का दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित किया किया गया है. इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है. इस दिन पूजन और व्रत करने से भगवान विष्णु बहुत प्रसन्न होते हैं.मान्यता है कि इस दिन पूजन और व्रत के प्रभाव से जीवन में खुशहाली आती है. धन धान्य की कमी नहीं होती. गुरुवार को ग्रहों में देवताओं के गुरु बृहस्पति की पूजा की जाती है. ये दिन बृहस्पति देव का भी है. इस दिन बृहस्पति देव की पूजा के साथ-साथ कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं. इन उपायों को करने से बड़ा लाभ मिलता है. इस दिन चने की दाल का दान करने के लिए कहा जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि गुरुवार को चने की दाल क्यों दान देनी चाहिए?
चने की दाल का दान क्यों किया जाता है:- माना जाता है इस दिन चने की दाल का दान करने से सभी कष्ट और समस्याएं दूर हो जाती हैं. नारायण भगवान को भी चने की दाल अर्पित की जाती है. इस दिन किसी जरूरतमंद को चने की दाल अवश्य देनी चाहिए. अगर ऐसा हर गुरुवार या बृहस्पतिवार को किया जाता है, तो भगवान विष्णु और गुरुदेव बृहस्पति की कृपा दृष्टि बनी रहती है.
धन आगमन के रास्ते खुलते हैं:- मान्यता है कि गुरुवार के दिन चने की दाल का दान करने से जीवन से आर्थिक तंगी दूर होती है. धन आगमन के रास्ते खुलते हैं. घर में बरकत बनी रहती है. आर्थिक तंगी से प्रभावित लोगों को ये उपाय अवश्य करना चाहिए. यानी गुरुवार के दिन चने की दाल का दान करना चाहिए. इतना ही नहीं अगर घर में बरकत नहीं हो रही है, तो भी इस उपाय को किया जा सकता है. क्योंकि ऐसा करने से घर में बहुत अधिक बरकत होना शुरू हो जाती है.



