यूएस-ईरान के बीच छिड़ी जंग के चलते खड़े हुए LPG संकट के बीच भारत के लिए गुडन्यूज सामने आई है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के दो एलपीजी शिप शिवालिक और नंदा सुरक्षित निकल चुके हैं. मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स शिपिंग एंड वाटरवेज की ओर से यह जानकारी दी गई है. भारत के नजरिए से इन दो एलपीजी वाहक जहाजों का सुरक्षित लौटना इसलिए भी अहम है, जब देश में गैस और तेल की दिक्कतें बढ़ रही हैं.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकले LPG शिप
शुक्रवार (13 मार्च) को ही ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने इसके संकेत दिए थे. उन्होंने कहा था, भारत को इस समय दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही के लिए सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा. इसके बाद दोनों जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकल आए जो भारत की ओर बढ़ रहे हैं.
16-17 मार्च को पहुंचेंगे भारत
मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स शिपिंग एंड वाटरवेज के चीफ सीक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा के मुताबिक, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के वेस्ट में स्थित फारस की खाड़ी में भारतीय फ्लैग के 24 जहाज थे, जिनमें से दो एलपीजी वाहक जहाज शिवालिक और नंदा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकले हैं. दोनों शिप भारत की ओर बढ़ रही हैं. उन्होंने बताया, दोनों जहाजों पर करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी है. यह मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पर 16 और 17 मार्च को आएंगे.’
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 22 इंडियन शिप फंसी’
राजेश सिन्हा ने बताया, फारस की खाड़ी में भारत के 24 जहाज थे, जिनमें से दो शिवालिक और नंदा सुरक्षित निकल चुके हैं. अब यहां 22 जहाज बचे हैं, जिन पर 611 नाविक सवार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सभी भारतीय नाविक पूरी तरह से सेफ हैं.
खाड़ी क्षेत्र में 23 हजार भारतीय नाविक
वहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूर्व में ओमान की खाड़ी में चार भारतीय शिप थी, एक के निकलने के बाद वहां 3 भारतीय ध्वज वाले जहाज बचे हैं. इन पर 76 भारतीय नाविक सवार हैं. वहीं पूरे खाड़ी क्षेत्र की बात करें तो यहां लगभग 23000 भारतीय नाविक अलग-अलग जहाजों पर काम कर रहे हैं, जिनमें मर्चेंट शिप और ऑफशोर शिप शामिल हैं.
भारत के लिए बड़ी राहत
इन दो एलपीजी शिप के लौटने से भारत को बड़ी राहत मिलेगी. भारत के कई राज्यों से एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतार देखने को मिल रही हैं. हालांकि, सरकार इस संकट से निपटने के लिए लगातार जरूरी कदम उठा रही है. 5 मार्च से अब तक LPG का घरेलू उत्पादन 31 फीसदी तक बढ़ चुका है. इसके अलावा गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए अलग-अलग राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है. केंद्र सरकार ने एलपीजी की सप्लाई को लेकर फैलाई जाने वाली अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराकर खरीदारी करने से बचने की सलाह दी है.



