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नगरी में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘वंदे मातरम् स्वर्णिम भारत’ कार्यक्रम, 100 से अधिक महिलाओं का सम्मान

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संवाददाता अमनपथ राजूनाथ जोगी नगरी  :प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय नगरी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर “वंदे मातरम् स्वर्णिम भारत” विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली लगभग 100 से अधिक महिलाओं को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद सभापति नगरी एवं प्रदेश महिला मोर्चा मन की बात की सह प्रभारी श्रीमती प्रेमलता नागवंशी उपस्थित रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथियों में डॉ. तारिणी साहू (मेडिकल ऑफिसर, सिविल अस्पताल नगरी), श्रीमती मीनाक्षी रामटेके (प्राचार्य, गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल नगरी), श्रीमती सुनीता सूर्यवंशी (कृषि विस्तार अधिकारी नगरी), श्रीमती अलका गजपाल (अध्यक्ष पेंशनर्स एसोसिएशन नगरी), सुश्री शकून कश्यप (सेवानिवृत्त प्रधान पाठक), श्रीमती दुर्गेश नंदिनी सोम (आरक्षक नगरी) और श्रीमती शैल नेताम (महिला प्रमुख ध्रुव समाज नगरी) शामिल रहीं।

कार्यक्रम में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी भावना बहन, ब्रह्माकुमारी कमलेश्वरी बहन, संस्था के भाई-बहन एवं अंचल से बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।कार्यक्रम की शुरुआत परमपिता शिव परमात्मा को स्मरण कर दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद महिलाओं के सम्मान में ब्रह्माकुमार पिताम्बर भाई ने गीत प्रस्तुत किया।सभा को संबोधित करते हुए राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी भावना बहन ने सभी को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महिलाएं राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने आध्यात्मिक संस्कार और आंतरिक शक्ति से समाज में शांति, प्रेम और सद्भाव की स्थापना कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि परमपिता शिव परमात्मा की प्रेरणा से ब्रह्माकुमारी संस्थान विश्व के 140 से अधिक देशों और 8000 से अधिक सेवाकेंद्रों के माध्यम से आध्यात्मिक जागृति का संदेश दे रहा है।

मुख्य अतिथि श्रीमती प्रेमलता नागवंशी ने कहा कि पहले महिलाएं सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से कमजोर मानी जाती थीं, लेकिन आज महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं ऑटो रिक्शा से लेकर पायलट तक और पंच से लेकर पार्लियामेंट तक अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।

डॉ. तारिणी साहू ने अपने संबोधन में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक दिन नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष और शक्ति का प्रतीक है। इस दिन हमें महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए।

इसी क्रम में श्रीमती सुनीता सूर्यवंशी ने कहा कि नारी का हर दिन विशेष होता है, क्योंकि वह सुबह से शाम तक अपने परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन करती है। वहीं सुश्री शकून कश्यप ने कहा कि महिला दिवस की शुरुआत महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और नैतिक समानता दिलाने के उद्देश्य से हुई थी और आज महिलाएं पृथ्वी से अंतरिक्ष तक अपनी उड़ान भर रही हैं।

श्रीमती अलका गजपाल ने सभी को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने माताओं से बच्चों को संस्कारवान और चरित्रवान बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं अंचल से आई महिलाओं को ईश्वरीय सौगात भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन निशा बहन द्वारा किया गया।

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