भारत में महंगाई एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है. हाल ही में आए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, थोक महंगाई (WPI) और खुदरा महंगाई (CPI) दोनों में ही बढ़ोतरी दर्ज की गई है. फरवरी 2026 के आंकड़ों ने स्पष्ट कर दिया है कि आम आदमी की जेब पर दबाव बढ़ने वाला है.
क्या कहता है थोक महंगाई का नया आंकड़ा:- फरवरी के महीने में थोक महंगाई दर 2.13% रही, जो पिछले महीने (जनवरी) के 1.81% के मुकाबले काफी ज्यादा है. मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मुताबिक, इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह बेसिक मेटल्स, मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल्स और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में हुआ इजाफा है. अगर सिर्फ खाने-पीने की चीजों की बात करें, तो WPI फूड इंडेक्स बढ़कर 1.85% हो गया है.
आपकी थाली पर कितना असर पड़ा:-रिटेल यानी खुदरा महंगाई दर फरवरी में 3.21% दर्ज की गई. ग्रामीण इलाकों में यह 3.37% और शहरों में 3.02% रही. राहत की बात सिर्फ इतनी रही कि टमाटर, मटर और फूलगोभी जैसी सब्जियों की कीमतों में जनवरी के मुकाबले 10% से ज्यादा की गिरावट देखी गई. हालांकि, ओवरऑल फूड इंडेक्स (CFPI) पिछले साल के मुकाबले 3.47% ऊपर चल रहा है.
आंकड़ों की रिपोर्ट कौन जारी करता है:- भारत में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आंकड़े DPIIT द्वारा हर महीने की 14 तारीख को जारी किए जाते हैं. ये आंकड़े देशभर के चुनिंदा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और संस्थागत स्रोतों से जुटाए जाते हैं. वहीं, रिटेल महंगाई के आंकड़े मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन द्वारा पेश किए जाते हैं.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा बढ़ी महंगाई:-बड़े राज्यों में महंगाई का असर एक जैसा नहीं है. अगर हम 50 लाख से ज्यादा आबादी वाले राज्यों की बात करें, तो इन 5 राज्यों में महंगाई सबसे ज्यादा दर्ज की गई है:
- तेलंगाना
- राजस्थान
- केरल
- आंध्र प्रदेश
- पश्चिम बंगाल



