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ईरान-इजराइल वॉर के बीच एलपीजी सप्लाई को लेकर देश में बढ़ी चिंता, कर्मचारियों पर भी है संकट!

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ईरान-इजराइल वॉर के बीच भारत में भी लोगों को एलपीजी गैस पाने में दिक्कतें आ रही हैं. हालांकि, सरकार ने कहा है कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है, गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. इसी बीच शिवालिक और नंदा जैसे जहाज होर्मुज से होते हुए भारत आ भी गए हैं. मगर बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में होटल मालिक अभी भी एलपीजी को लेकर परेशान हैं. बेंगलुरु के रेस्टोरेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने बताया कि सरकार के सप्लाई बढ़ाने के भरोसे के बावजूद उन्हें एलपीजी की व्यवस्था करने में दिक्कतें आ रही हैं. अगर यह स्थिति बनी रही, तो कर्मचारियों की छंटनी और सैलरी में कटौती हो सकती है. बेंगलुरु में बड़े होटल चेन के एक मालिक ने कहा कि हालात अनिश्चित हैं और लोग इधर-उधर भटक रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर रेस्टोरेंट और खाने-पीने की जगहें काम नहीं कर पाएंगी, तो सबसे पहले गरीब और कामगार वर्ग के लोगों पर इसका असर पड़ेगा. होटल मालिक ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सप्लाई जल्द ठीक होगी, लेकिन अभी हालात बदलते रहते हैं और हमें नहीं पता आगे क्या होगा. जमीनी स्तर पर, खासकर लोकल और सड़क किनारे के खाने-पीने की जगहों के लिए, हालात ज्यादा खराब हैं.

सप्लाई की अभी भी है कमी:- नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट और वाओ! मोमो के फाउंडर सागर दरयानी ने कहा कि हालांकि एलपीजी की सप्लाई अभी भी कम है, लेकिन जमीनी स्तर पर थोड़ा सुधार हुआ है. हालांकि, उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री के प्रॉफिट-लॉस के साथ-साथ मेन्यू और काम करने के समय पर भी इसका असर पड़ेगा. छोटे कारोबारी जो नुकसान नहीं सह सकते, उन्हें कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ेगी, जबकि बड़े कारोबारी कुछ समय तक इसका बोझ झेल सकते हैं.

छोटे रेस्टोरेंट को हो रहा ज्यादा नुकसान:- इंडस्ट्री के अधिकारियों ने बताया कि छोटे रेस्टोरेंट और कैटरर्स, जो बड़े इवेंट्स का काम संभालते हैं, उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया कैटरर्स के महासचिव, किरित बुधदेव ने कहा कि सप्लायर्स हमसे 15 दिनों तक इंतजार करने को कह रहे हैं. जमीनी हालात बहुत मुश्किल हैं और कई लोगों के लिए और खराब होते जा रहे हैं. स्टाफिंग सर्विस कंपनी सीआईईएल एचआर के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ आदित्य नारायण मिश्रा ने कहा कि छोटे भोजनालय, जो रोज के आधार पर कर्मचारियों को काम पर रखते हैं, उन्हें तुरंत कर्मचारियों की संख्या कम करनी पड़ेगी.

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