सुरेश मिनोचा एमसीबी/चिरमिरी : जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत चिरमिरी पुलिस और न्यायालय की संयुक्त कार्यवाही ने एक बार फिर सख्त संदेश दिया है। प्रभावी विवेचना और सशक्त साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक के पर्यवेक्षण और नगर पुलिस अधीक्षक चिरमिरी श्रीमती दीपिका मिंज के नेतृत्व में थाना चिरमिरी पुलिस द्वारा अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।इसी क्रम में थाना चिरमिरी के अपराध क्रमांक 369/2025 के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी चिरमिरी के न्यायालय ने आरोपी सुरेश उम्र 28 वर्ष निवासी बगनच्चा हल्दीबाड़ी को दोषी करार देते हुए 1 वर्ष के साधारण कारावास और 25,000 रुपयों के अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रकरण के अनुसार 20 दिसम्बर 2025 को थाना चिरमिरी पुलिस टीम नियमित पेट्रोलिंग पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति अवैध महुआ शराब लेकर बिक्री के उद्देश्य से जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए बगनच्चा स्थित परशुराम चौक मेन रोड पर घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ा।तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 12 लीटर अवैध हाथ भट्टी निर्मित महुआ शराब बरामद की गई। आरोपी द्वारा शराब के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये जाने पर पुलिस ने मौके पर पंचनामा और जप्ती की कार्यवाही करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। विवेचना पूर्ण कर प्रकरण का चालान न्यायालय में पेश किया गया।
न्यायालय में अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी सिद्ध किया गया। अपने निर्णय में माननीय न्यायालय ने कहा कि अवैध शराब का कारोबार समाज के लिये अत्यंत घातक है और ऐसे अपराधों पर कठोर दंड आवश्यक है जिससे समाज में निवारक प्रभाव उत्पन्न हो सके। थाना प्रभारी के नेतृत्व में की गई इस कार्यवाही में पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही जिसमें प्रधान आरक्षक और अन्य स्टाफ की तत्परता सराहनीय रही।इस कार्यवाही और न्यायालय के कड़े फैसले से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है वहीं आम जनता में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।



