संकटमोचन हनुमान जी की भक्ति का महापर्व ‘हनुमान जयंती’ इस बार तिथियों के फेर के कारण चर्चा में है. भक्तों के मन में संशय है कि बजरंगबली का जन्मोत्सव 1 अप्रैल को मनाएं या 2 अप्रैल को?तो जान लीजिए उदया तिथि के अनुसार सटीक तारीख और वह विशेष पूजा पद्धति जिससे हर बिगड़ा काम बन जाता है.
दो बार क्यों मनाई जाती है हनुमान जयंती:- काशी के प्रकांड विद्वान पंडित संजय उपाध्याय ने बताया कि साल में दो बार हनुमान जयंती का महाउत्सव मनाया जाता है. पहला चैत्र पूर्णिमा और दूसरा कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को इनका जन्मदिन मनाते हैं. इसके पीछे दो अलग-अलग कथाएं भी प्रचलित हैं. ये दोनों ही दिन हनुमान भक्तों के लिए बेहद खास होते हैं.
हनुमान जयंती 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त:- चैत्र पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 08 मिनट से हो रही है, जो अगले दिन 2 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगी. शास्त्रों में उदया तिथि की महत्ता को देखते हुए हनुमान जयंती का उत्सव 2 अप्रैल को ही मनाया जाएगा. इसी दिन देशभर के हनुमान मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ेगा.
मनोकामना पूर्ति के लिए ऐसे करें पूजा:- हनुमान जयंती के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के पश्चात बजरंगबली को सिंदूर और चमेली के तेल का चोला चढ़ाना चाहिए. इसके साथ ही उन्हें तुलसी की माला, भुना हुआ चना और बेसन के लड्डू का भोग लगाना चाहिए. अंत में घी का दीपक जलाकर आरती और पाठ करने से भक्तों की सभी मनोवांछित मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.



