ईद-उल-फितर, हिजरी या इस्लामी चंद्र कैलेंडर के 10वें महीने, शव्वाल के पहले तीन दिनों में पड़ता है। रमजान के बाद आने वाली ईद को ईद-उल-फितर (Eid Ul Fitr 2026 Date) कहा जाता है, जिस दिन रोजा खोला जाता है। इस ईद को मीठी ईद भी कहा जाता है। सउदी अरब ने आधिकारिक तौर पर ये घोषणा कर दी है कि वहां ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी। ऐसे में चलिए जानते हैं कि भारत में ईद-उल-फितर कब मनाई जाएगी।
भाईचारे और अल्लाह के शुक्राने का त्योहारइस्लाम धर्म में ईद-उल-फितर को अल्लाह की इबादत करने और उनका शुक्र अदा करने का सबसे पवित्र) मौका माना गया है। रमजान के आखिरी दिन जैसे ही चांद का दीदार होता है, लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ‘ईद मुबारक’ कहते हैं। ईद की सुबह लोग नए कपड़े पहनते हैं और मस्जिदों या खुले मैदानों में सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा करते हैं। नमाज से पहले ‘फितरा’ (दान) देना हर हैसियत वाले इंसान पर फर्ज माना गया है, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोग भी ईद मना सकें।
ईद-उल-फितर या ‘मीठी ईद’ के दिन घरों में खजूर, शीर खुरमा, मीठी सेवई और कई तरह के लजीज पकवान बनाए जाते हैं। लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ मिलकर इस दावत का लुत्फ उठाते हैं। ईद के दिन घर के बड़े अपने से छोटों और बच्चों को कुछ पैसे या उपहार देते हैं, जिसे ‘ईदी’ कहते हैं।



