चैत्र नवरात्रि शक्ति की उपासना के दिन होते हैं. आज नवरात्रि का दूसरा दिन है. ये दिन माता ब्रह्मचारिणी को समर्पित किया गया है. नौ दिनों में माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा विधान है. नवरात्रि के दिनों में भक्त कलश स्थापना करके और अखंड ज्योत जलाकर भक्ति भाव से मां दुर्गा की अराधना करते हैं.नवरात्रि के समय में मंदिर में अखंड ज्योत जलाना मां की उपस्थिति का संकेत होता है, लेकिन क्या आपको पता है कि इन दिनों में मंदिर में अंखड ज्योत के साथ-साथ कुछ विशेष स्थानों पर दिया जलाने से माता रानी का आशीर्वाद कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है, तो आइए जानते हैं उन स्थानों के बारे में, जहां नवरात्रि में दिया जलाना चाहिए.
नवरात्रि में इन जगहों पर भी जलाएं दिया
प्रवेश द्वार पर: हिंदू धर्म में घर के प्रवेश द्वार का महत्व बहुत अधिक होता है. इसे शुभता का द्वार कहते हैं. नवरात्रि में शाम को सूर्यास्त के बाद मुख्य द्वार के दाईं ओर घी या तेल का दिया जरूर जलाएं. मान्यता है कि इससे घर की नकारात्मकता दूर होती है. माता रानी का विशेष आशीर्वाद मिलता है.
तुलसी के पास: तुलसी माता साक्षात मां लक्ष्मी का रूप मानी जाती हैं. नवरात्रि में रोजाना शाम को तुलसी के पास एक घी का दिया रखें. ऐसा करने से घर का वास्तु दोष दूर होता है.
रसोई में: रसोई में माता अन्नपूर्णा रहती हैं. ऐसे में नवरात्रि के दौरान रात के समय रसोई में एक जलाकर अवश्य रखें. ऐसा करने से घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती.
अलमारी या तिजोरी में: नवरात्रि में घर की अलमारी या तिजोरी जहां धन रखा हो, वहां एक दिया रखें. ऐसा करने से माता लक्ष्मी और देवी दुर्गा की एक साथ कृपा मिलती है.



