राधेश्याम सोनवानी,गरियाबंद :- विश्व गौरैया संरक्षण दिवस के अवसर पर शासकीय राम बिशाल पांडे उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में यूथ एवं इको क्लब द्वारा एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। क्लब प्रभारी व्याख्याता समीक्षा गायकवाड़ ने बताया कि विगत चार वर्षों से साइंस क्लब छात्रों द्वारा चिड़ियों के दाना-पानी की व्यवस्था के लिए बर्ड फीडर और बर्ड हाउस बनाकर वितरित किया जा रहा है। इसी कड़ी में इस वर्ष भी विद्यालय में संचालित यूथ एवं इको क्लब छात्रों द्वारा कलरव – बर्ड फीडर अभियान चलाया गया जिसमें छात्र-छात्राओं द्वारा लगभग ढाई सौ से अधिक बर्ड फीडर (घोंसले/दाना पात्र) तैयार कर वितरित किए गए। प्रतिवर्ष आयोजित इस अभियान का उद्देश्य लुप्त होती गौरैया के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना एवं विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन अर्चन से हुआ। इस अवसर पर संकुल प्राचार्य बी.एल. ध्रुव ने कहा कि प्रतिवर्ष 20 मार्च को वैश्विक स्तर पर यह दिवस मनाया जाता है, क्योंकि बढ़ते शहरीकरण, अनियंत्रित प्रदूषण और तेजी से बदलते पर्यावरण के कारण इस नन्हीं पक्षी की संख्या में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही है। बीआरसीसी फिंगेश्वर सुभाष शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज आवश्यकता है कि हम केवल जागरूकता तक सीमित न रहें, बल्कि व्यवहार में भी परिवर्तन लाएं। शिक्षण संस्थान ही वह सर्वोत्तम मंच हैं जहाँ से बालकों में संरक्षण की आदतों को रोपा जा सकता है।
शाला विकास प्रबंधन समिति के सांसद प्रतिनिधि सोमनाथ पटेल ने कहा कि गौरैया पर्यावरण संतुलन की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसकी घटती संख्या चिंता का विषय है, ऐसे कार्यक्रम बच्चों में संवेदनशीलता विकसित करते हैं। विधायक प्रतिनिधि खुशी साहू ने कहा कि तेजी से बदलते पर्यावरण और शहरीकरण के कारण गौरैया जैसी प्रजातियां संकट में हैं।अपने आसपास के लोगों को भी इस अभियान से जोड़ें और गौरैया संरक्षण को जन-आंदोलन बनाएं। व्याख्याता कमल सोनकर ने अपने संबोधन में गौरैया को हमारी संस्कृति और प्रकृति का अभिन्न हिस्सा बताया जिसे बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।जिला समन्वयक यूथ एवं इको क्लब व्याख्याता सागर शर्मा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि हर व्यक्ति नियमित रूप से छोटे-छोटे प्रयास करें जैसे दाना-पानी रखना और घोंसले लगाना तो बड़े परिवर्तन ला सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान रूमीना शाह, लक्ष्मी वर्मा, जिज्ञासा ध्रुव, मयंक पटेल, मोनिका साहू ने भी अपने विचार व्यक्त किए और सभी ने मिलकर गौरैया संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में व्याख्याता गोपाल देवांगन, पूजा मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन व मार्गदर्शन समीक्षा गायकवाड़ ने किया। कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं ने नगर के विभिन्न जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को भी बर्ड फीडर वितरित किए। नगर पंचायत भवन में आयोजित वितरण कार्यक्रम में नगरपालिका परिषद अध्यक्ष महेश यादव ने शिक्षकों और विद्यार्थियों के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाती है, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा भी प्रदान करती है। उपस्थित पार्षदगण तुषार कदम, भारतलाल यादव, बलराम यादव सहित सभी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने अभियान की काफी सराहना की तथा अपने-अपने घरों एवं नगरपालिका भवन में बर्ड फीडर लगाने का संकल्प लिया।



