राधेश्याम सोनवानी,गरियाबंद :- ईद-उल-फितर का पावन पर्व इस वर्ष भी पूरे हर्षोल्लास, उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर में ईद की रौनक देखने को मिली। नए कपड़ों में सजे लोग, बच्चों की खिलखिलाहट और मस्जिदों-ईदगाहों की ओर बढ़ते कदमों ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया।
जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना असलम अज़हरी ने सुबह 9:30 बजे ईदगाह में विशेष नमाज अदा कराई। नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहा और अल्लाह से अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी। ईदगाह परिसर में भाईचारे और सौहार्द का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहां छोटे-बड़े, अमीर-गरीब सभी ने एक साथ मिलकर त्योहार की खुशियां बांटीं।
इस मौके पर पूर्व नपा अध्यक्ष गफ़्फू मेमन,
ने कहा कि ईद-उल-फितर का त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने सभी लोगों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि गरियाबंद की पहचान हमेशा से आपसी एकता और गंगा-जमुनी तहज़ीब रही है। इस तरह के पर्व हमें एक-दूसरे के करीब लाते हैं और समाज में सद्भाव को मजबूत करते हैं।
वरिष्ठ पत्रकार फ़ारूक़ मेमन ने कहा कि ईद केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और इंसानियत का संदेश देने वाला त्योहार है। उन्होंने कहा कि जिस तरह सभी समाज के लोग मिलकर इस पर्व को मना रहे हैं, वह गरियाबंद की खूबसूरती और भाईचारे की मिसाल है। उन्होंने सभी से शांति, प्रेम और आपसी सम्मान बनाए रखने की अपील की।
समाजसेवी इमरान मेमन ने कहा कि ईद हमें त्याग, सेवा और दूसरों की मदद करने की सीख देती है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की सहायता करना और खुशियां बांटना ही इस पर्व की असली भावना है। इमरान मेमन ने सभी को ईद की शुभकामनाएं देते हुए समाज में एकता और भाईचारे को और मजबूत करने का संदेश दिया।
समाजसेवी सोहेल मेमन ने कहा कि ईद-उल-फितर का पर्व इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे का सबसे बड़ा संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार हमें सिखाता है कि हम अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों की मदद करें और खुशियां बांटें। सोहेल मेमन ने सभी शहरवासियों को ईद की मुबारकबाद देते हुए अपील की कि आपसी सद्भाव, शांति और एकता को हमेशा बनाए रखें, यही ईद की असली भावना है।
गरियाबंद की गंगा-जमुनी तहज़ीब की झलक भी इस दौरान साफ दिखाई दी। बौद्ध समाज के लोगों ने हर वर्ष की तरह इस बार भी ईदगाह में मीठी खीर और सेवई का वितरण किया। नमाज से लौटते लोगों का स्वागत करते हुए उन्होंने सभी को बधाई दी और मिठास बांटी। यह दृश्य सामाजिक समरसता और भाईचारे का जीवंत उदाहरण बना रहा।
वहीं नगरपालिका की ओर से अध्यक्ष रिखी राम यादव और पार्षदों ने भी ईद के अवसर पर विशेष पहल करते हुए सरबत वितरण किया। उन्होंने मुस्लिम समाज के प्रमुख लोगों से मुलाकात कर ईद की शुभकामनाएं दीं और शहर में आपसी सौहार्द बनाए रखने की बात कही।
सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। पुलिस अधीक्षक वेदव्रत के निर्देशन में ईदगाह, मस्जिदों और शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा। चाक-चौबंद सुरक्षा के बीच पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
ईद-उल-फितर, जो रमजान के पूरे महीने के रोजों के बाद मनाया जाता है, खुशियों और शुक्राने का पर्व है। इस दिन लोग अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं कि उन्होंने उन्हें रोजे पूरे करने की ताकत दी। घरों में सेवइयां, मिठाइयां और तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं और रिश्तेदारों व दोस्तों के साथ खुशियां साझा की जाती हैं।
गरियाबंद में मनाई गई यह ईद एक बार फिर यह संदेश दे गई कि त्योहार केवल धार्मिक नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने और आपसी प्रेम बढ़ाने का सबसे मजबूत माध्यम होते हैं।



