महासमुंद : धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम विधेयक 2026 का सर्व हिंदू समाज स्वागत किया है। सर्व हिन्दू समाज महासमुंद के भरत चंद्राकर ने कहा कि इसके लिए वर्षों से सर्व हिंदू समाज सड़क से गांवों तक लगातार संघर्ष करता रहा हैं। वास्तव में यह विधेयक आजादी के पश्चात तत्काल लाना चाहिए था जिससे कि विशेष कर सरगुजा, जशपुर और बस्तर में भोले-भाले आदिवासियों का वृहत पैमाने पर धर्मांतरण नहीं होता और मूल आदिवासी जनसंख्या का अस्तित्व ही संकट में ना आता।
सर्व हिंदू समाज इस विधेयक में समाहित प्रावधानों के लिए विष्णु देव सरकार के गठन के पश्चात ही गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर इस हेतु एवं रोहिंग्या बांग्लादेशी अवैध घुसपैठियों को चिन्हित कर उन्हें प्रत्यर्पण करने की मांग की थी, समय-समय पर हम इसी विषय के लिए ध्यान आकर्षण भी कराते रहे धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम विधेयक 2026 जो प्रलोभन या धोखे से धर्मांतरण को रोकने के लिए एक सख्त कानून है यह संज्ञेय गैर जमानती अपराध है। जिसमें 7 से 10 साल तक की सजा एवं 5 लाख तक का जुर्माने का प्रावधान है। इससे निश्चित ही इसमें लिप्त लोगों और उनके स्लीपर सेल पर लगाम लगेगा, धर्मान्तरण की दुकाने बंद होंगी साथ ही धर्मांतरण सनातनी भाइयों की घर वापसी सुनिश्चित होगा। यहां की जनसंख्या समीकरण को पुनः आजादी के समय की स्थिति में ला पाएंगे। उत्तर प्रदेश के पश्चात विभिन्न राज्यों से होते हुए छत्तीसगढ़ में ऐसा कानून केंद्र सरकार को ही संविधान में आवश्यक संशोधन कर संपूर्ण देश के सभी राज्यों में लाने का मार्ग प्रसस्त करेगा।



