रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। साफ और सुविधाजनक ईंधन के रूप में पीएनजी को एलपीजी सिलेंडर के बेहतर विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
अगर आप भी अपने घर में पीएनजी कनेक्शन लेना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया काफी आसान है और कुछ जरूरी स्टेप्स को फॉलो करके इसे लिया जा सकता है।
रायपुर में पीएनजी सेवा देने वाली प्रमुख कंपनियों में गेल गैस, इंडियन ऑयल आदानी गैस प्राइवेट लिमिटेड और अडानी गैस शामिल हैं। ये कंपनियां घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराती हैं। पीएनजी कनेक्शन लेने से सिलेंडर भरवाने की झंझट खत्म हो जाती है और 24 घंटे गैस सप्लाई मिलती है, जिससे यह एक आसान और सुरक्षित विकल्प बनता जा रहा है।
कैसे करें आवेदन?पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए सबसे पहले यह जांचना जरूरी है कि आपके इलाके में यह सुविधा उपलब्ध है या नहीं। इसके लिए आप संबंधित गैस कंपनी की वेबसाइट पर जाकर जानकारी ले सकते हैं।
यदि आपके क्षेत्र में पीएनजी सेवा उपलब्ध है, तो आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए कंपनी की वेबसाइट पर जाकर रेजिडेंशियल कनेक्शन का फॉर्म भरना होता है। इसमें नाम, पता और मोबाइल नंबर जैसी बेसिक जानकारी देनी होती है।
आवेदन के बाद कंपनी की टीम आपके घर का निरीक्षण करती है, जिसमें तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों को देखा जाता है, जैसे किचन में सही वेंटिलेशन और पाइपलाइन की संभावना।
दस्तावेज और इंस्टॉलेशन प्रक्रिया
आवेदन के दौरान कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। इनमें पहचान प्रमाण (आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस) और पते/मालिकाना हक के दस्तावेज (बिजली बिल, सेल डीड, हाउस टैक्स रसीद या सोसाइटी सर्टिफिकेट) शामिल हैं।
दस्तावेज जांच के बाद उपभोक्ता को लगभग 6000 रुपये के आसपास रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होता है। इसके बाद कंपनी की टीम घर में पाइपलाइन बिछाती है और गैस मीटर लगाती है। जरूरत पड़ने पर एलपीजी चूल्हे को पीएनजी के अनुसार बदल दिया जाता है।
फरवरी 2026 में LPG की खपत 2.8 मिलियन टन तक पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 10% ज्यादा है और अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
क्यों बढ़ रही चिंताहोर्मुज बंद होने से LPG की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतें बढ़ने और उपलब्धता कम होने का खतरा है। ऐसे हालात में PNG जैसे विकल्प ज्यादा अहम हो जाते हैं, क्योंकि यह पाइपलाइन नेटवर्क पर आधारित है और आयात पर निर्भरता कम करता है।



