कोलकाता: बंगाल विधानसभा चुनाव में अभी एक महीना बाकी है। ऐसे में चुनाव आयोग का लक्ष्य अब SIR प्रक्रिया को पूरा करके उससे पहले मतदाता सूची प्रकाशित करना है। चुनाव आयोग पूरक मतदाता सूची (सप्लीमेंट्री लिस्ट) प्रक्रिया को पूरा करने में और भी सक्रिय हो गया है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को दूसरी पूरक मतदाता सूची प्रकाशित की थी। 24 घंटे के भीतर चुनाव आयोग ने तीसरी पूरक सूची भी प्रकाशित कर दी है। इतना ही नहीं, अब कलकत्ता उच्च न्यायालय की अनुमति से पूरक सूची प्रतिदिन प्रकाशित की जाएगी। बताया जा रहा है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है, ताकि मतदान से वंचित लोगों को न्यायाधिकरण में अपील दायर करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
24 घंटे में दो सूची आयी सामने
आयोग ने 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी की थी। इस सूची में 60 लाख नाम विचाराधीन थे। कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में न्यायिक अधिकारी इन नामों को अंतिम रूप देने के लिए मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। आयोग ने अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के 23 दिन बाद, 23 मार्च की देर रात विचाराधीन मतदाताओं की पहली पूरक सूची जारी की थी। दूसरी पूरक सूची कल रात जारी की गई. हालांकि, आयोग ने यह खुलासा नहीं किया कि उस सूची से कितने नाम हटा दिए गए हैं।
अब प्रतिदिन जारी होगी लिस्ट
दूसरी सूची के प्रकाशन के 24 घंटों के भीतर ही तीसरी सप्लीमेंट्री लिस्ट भी प्रकाशित कर दी गई। चुनाव आयोग ने अदालत में अर्जी दी थी कि पूरक सूची प्रतिदिन प्रकाशित की जाए। शनिवार की रात आयोग ने घोषणा की कि सूची प्रतिदिन प्रकाशित की जाएगी, जिनके नाम सूची में छूट गए हैं, उन्हें न्यायाधिकरण में अपील करने का अवसर मिलेगा। न्यायाधिकरण उनकी अपील पर विचार करेगा। बंगाल में चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होने हैं। आयोग का लक्ष्य है कि इससे पहले पूरक सूची प्रकाशित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए. कोर्ट पहले ही कह चुका है कि एक भी वैध वोटर को उनके मताधिकार से वंचित नहीं किया जायेगा।
बंगाल में न्यायिक अधिकारियों ने 37 लाख विचाराधीन वोटर मामलों का निपटारा कर दिया है, लेकिन दो सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट में सिर्फ 22 लाख नाम ही दिख रहे हैं। ई-सिग्नेचर न होने की वजह से करीब 15 लाख मामले बिना हिसाब-किताब के रह गए हैं।
चुनाव आयोग ने शनिवार देर रात तीसरी लिस्ट जारी की, लेकिन उसमें शामिल नामों की संख्या को लेकर कोई स्पष्टता नहीं थी। आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि अब आगे से हर दिन सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी की जाएंगी।
’29 लाख मामले निपटाए गए’
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद शुरू में 60 लाख मतदाताओं को जांच के लिए चिह्नित किया गया था और उनकी समीक्षा के लिए 700 से ज्यादा न्यायिक अधिकारियों को लगाया गया था। 23 मार्च की शाम तक लगभग 29 लाख मामले निपटा दिए गए थे।
दूसरी लिस्ट में भी सामने आई कमी
अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार शाम तक 37 लाख मामलों का निपटारा कर दिया गया था, जिसका मतलब था कि बाकी बचे 27 लाख मामले अगली लिस्ट में शामिल होने चाहिए। लेकिन, लिस्ट में सिर्फ 12 लाख नाम ही दिखाई दिए।आयोग के एक सीनियर अधिकारी ने शनिवार को कहा, “हमें ई-सिग्नेचर के साथ 12 लाख मामले मिले और हमने उन्हें उसी हिसाब से पब्लिश कर दिया।” उन्होंने बाकी बचे 15 लाख निपटाए गए मामलों पर ई-सिग्नेचर न होने के बारे में कोई सफाई नहीं दी।



