राधेश्याम सोनवानी गरियाबंद :- गरियाबंद पुलिस कप्तान के दिशा -निर्देश में जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में सुरक्षा और जन-जागरूकता हेतु एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज समस्त थाना प्रभारियों एवं बीट आरक्षकों ने अपने-अपने आवंटित बीट क्षेत्रों का सघन भ्रमण किया। इस दौरान पुलिस टीम ने सीधे आमजन और युवाओं से संवाद कर उन्हें सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं के प्रति सचेत किया।बीट आरक्षकों द्वारा प्रत्येक ग्राम और वार्ड स्तर पर बेरोजगार युवक-युवतियों की जानकारी एकत्रित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं की संख्या और उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर भविष्य में उन्हें कौशल विकास योजनाओं या प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान करना है।
वर्तमान में बढ़ते साइबर फ्राड को देखते हुए पुलिस टीम ने ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को विशेष प्रशिक्षण दिया। थाना प्रभारियों ने बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी (व्ज्च्), बैंक विवरण या आधार नंबर साझा न करें। प्रलोभन देने वाले लिंक और फर्जी कॉल से सावधान रहने की हिदायत देते हुए ’ साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। नशा मुक्ति एवं यातायात जागरूकता आज के युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाने के लिए पुलिस ने विशेष संवाद सत्र आयोजित किए। टीम ने नशे के दुष्प्रभावों और इसके कानूनी परिणामों के बारे में बताते हुए युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की समझाईष दिया गया। साथ ही, यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट लगाने और तेज रफ्तार से वाहन न चलाने की अपील की गई, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। पुलिस कप्तान के द्वारा बताया गया कि इस भ्रमण का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करना है। नागरिकों को आश्वस्त किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल थाने में दें। पुलिस सदैव आपकी सुरक्षा और सहायता के लिए तत्पर है। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि एक अपराध मुक्त और जागरूक समाज का निर्माण किया जा सके।



