सिलीगुड़ी : बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने देर से ही सही उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। उत्तर बंगाल की 54 विधानसभा सीटों में से 53 पर कांग्रेस ने एक साथ उम्मीदवार घोषित कर दिए।
खास बात यह है कि पार्टी ने कई बड़े नाम को चुनाव मैदान में उतार दिया है और इन्हीं के दम पर मालदा और उत्तर दिनाजपुर जिले में कुछ सीट पाना चाहती है। मौसम बेनजीर नूर, मोहित सेनगुप्ता आदि इन्हीं बड़े नामों में शामिल हैं।
दरअसल भाजपा, तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दलों ने अपने उम्मीदवारों की सूची पहले ही घोषित कर दी थी। कांग्रेस मामले में काफी पीछे रह गई थी। नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने से महज एक दिन पहले कांग्रेस ने एक झटके में पूरे राज्य में 294 में से 284 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी।
2021 के चुनाव में बंगाल में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी। लेकिन इस बार कांग्रेस खासतौर पर उत्तर बंगाल में मालदा और उत्तर दिनाजपुर जिलों से सीट जीतने की उम्मीद कर रही है। इन दो जिलों में कांग्रेस के कार्यकर्ता अन्य जिलों की तुलना में अभी भी काफी सक्रिय हैं।
यहां पार्टी भाजपा और तृणमूल को चुनौती देने की स्थिति में दिख रही है।मालदा जिले की मालतीपुर सीट से कांग्रेस ने पूर्व सांसद मौसम बेनजीर नूर को टिकट दिया है।
मौसम नूर हाल ही में तृणमूल कांग्रेस से कांग्रेस में वापस लौटी हैं। वे गनी खान चौधरी परिवार से जुड़ी हैं जो मालदा में कांग्रेस का परंपरागत आधार रहा है। यहां तृणमूल ने अपने मौजूदा विधायक अब्दुर रहीम बक्सी को टिकट दिया है।
भाजपा ने आशीष दास और वाम मोर्चा ने मनिरूल हुसैन को मैदान में उतारा है। चाकुलिया सीट से कांग्रेस ने पूर्व विधायक अली इमरान रमज उर्फ विक्टर को उम्मीदवार बनाया है।
तृणमूल ने मिन्हाजुल अरफिन आजाद, भाजपा ने मनोज जैन और वाम ने अमजद अली को टिकट दिया है। रायगंज से कांग्रेस ने पूर्व नगर पालिका चेयरमैन मोहित सेनगुप्ता को मौका दिया है। यहां तृणमूल ने पूर्व विधायक कृष्णा कल्याणी, भाजपा ने कौशिक चौधरी और वाममोर्चा ने जीवनंदा सिंबा को टिकट दिया है।
वर्तमान में यहां 11 बार के विधायक रहे तृणमूल के वरिष्ठ नेता 80 वर्षीय अब्दुल करीम चौधरी को टिकट नहीं मिला है। वह लंबे समय से क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं लेकिन उम्र को लेकर तृणमूल ने उन्हें ड्राप कर दिया।
अब्दुल करीम फिलहाल शहर से बाहर हैं और उनकी अनुपस्थिति में उनके समर्थकों में नाराजगी है। राजनीतिक हलकों में हर किसी की नजर इस पर है कि उनका अगला कदम क्या होगा। वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे या कोई और रास्ता चुनेंगे। ऐसा भी हो सकता है कि कांग्रेस उनको टिकट दे।



