मौसम अब धीरे-धीरे बदलने लगा है। जहां कुछ दिनों पहले तक कोहरे और सर्दी का प्रकोप था। वहीं, अब फरवरी के बीतते महीने के साथ ही सर्दी भी कुछ कम होने लगी है। मौसम में बदलाव होते ही खांसी-जुकाम, गले में खराश, बुखार और वायरल संक्रमण जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं। खासतौर पर, जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, वे जल्दी बीमार पड़ते हैं। अगर आप भी खांसी-जुकाम से परेशान हैं, तो दवाइयां खाने के बजाय कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से इससे राहत पा सकते हैं। इन्हीं नुस्खों में काली मिर्च भी शामिल है। जी हां, विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर काली मिर्च सर्दी-खांसी से राहत दिलाने में मदद करती है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण भी होते हैं, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। इसका सेवन करने से खांसी-जुकाम और गले की खराश से भी आराम मिलता है।
काली मिर्च का काढ़ा:- सर्दी-खांसी की समस्या से राहत पाने के लिए आप काली मिर्च का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। इसके लिए एक बर्तन में एक गिलास पानी डालकर गर्म कर लें। फिर इसमें 5-6 काली मिर्च, एक इंच अदरक का टुकड़ा, तुलसी के पत्ते और एक चुटकी हल्दी पाउडर डालकर उबाल लें। जब यह अच्छी तरह उबल जाए, तो इसे किसी कप में छान लें। फिर इस काढ़े में थोड़ा सा शहद मिलाकर इसका सेवन करें। दिनभर में एक से दो बार इसका सेवन करने से आपको जल्द राहत मिल सकती है।
काली मिर्च और आंवला:- अगर आप बदलते मौसम में खांसी-जुकाम से परेशान हैं, तो काली मिर्च के साथ आंवले का सेवन कर सकते हैं। आंवले में विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो सर्दी-खांसी और गले की खराश से राहत दिलाने में मदद करते हैं। इसके लिए आप आंवले को धोकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इसके बाद 7-8 काली मिर्च के दोनों को कूट लें। अब एक और टाइट कंटेनर में इन दोनों सामग्रियों को डाल दें। फिर इसमें एक-दो चम्मच शहद डालकर रख दें। रोज सुबह एक चम्मच जी मिश्रण का सेवन करने से आपको सर्दी-खांसी से जल्द आराम मिल सकता है।
दूध और काली मिर्च:- सर्दी-जुकाम की समस्या से राहत पाने के लिए आप काली मिर्च को गर्म दूध में मिलाकर पी सकते हैं। इसके लिए एक गिलास गर्म दूध लें। इसमें एक चुटकी काली मिर्च पाउडर डालकर मिक्स कर लें। रोज रात को सोने से पहले इसका सेवन करें। नियमित रूप से कुछ दिनों तक इसका सेवन करने से खांसी और जुकाम की समस्या से जल्द छुटकारा मिल सकता है।



