महासमुंद। असम मुख्यमंत्री हेमंता विश्वा शरमा का कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकाजुर्न खड़गे पर अशोभनीय टिप्पणी भाजपा के दलित विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। असम मुख्यमंत्री श्री खरगे से लिखित माफीनामा माँगे। उक्त बातें जारी विज्ञप्ति में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय समन्वयक श्रीमती राशि त्रिभुवन महिलांग ने कही। श्रीमती महिलांग ने आगे कहा कि असम मुख्यमंत्री एक जिम्मेदार पद पर आसीन है।
विपक्ष के दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री खरगे पर पागल जैसे शब्द का उपयोग करना उनकी दलित विरोधी मानसिकता की सोच को दर्शाता है। उनके दल के सभी नेताओं सहित देश मुखिया श्री मोदी का उक्त प्रकरण पर मौन होना उनकी पार्टी की सहमति को दर्शाता है, जो लोकतंत्र में एक जिम्मेदार पद पर आसीन नेता के विचारों के विपरीत है। ऐसी ओछी टिप्पणी विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी उन्होंने है जो बेहद निंदनीय है l
श्रीमती महिलांग ने आगे कहा कि असम चुनाव में संभावित करारी हार व अपने विरोध का उमड़ा सैलाब को देखकर असम मुख्यमंत्री बौखला गए है। एक तरफ देश की मीडिया में भारतीय जनता पार्टी के नेता पार्टी में सुचिता सम्मान अनुशासन में रहकर बातो को रखने व विपक्ष के प्रति सम्मान की बाते जोर शोर से करते है। दूसरी ओर विपक्षी दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जो दलित भी है उन पर अभद्र बाते कहना उनके आचरण को प्रदर्शित करता है। श्रीमती महिलांग ने महामहिम राष्ट्रपति से इस विषय पर हस्ताक्षेप की मांग करते हुए मुख्यमंत्री असम को कांग्रेस अध्यक्ष से लिखित माफी मांगनी चाहिए। अगर माफी नही माँगी तो कांग्रेसजन व दलित समुदाय गांधी वादी तरीके से चरण बंध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।



