हर महीने आने वाला बिजली का भारी-भरकम बिल किसी भी आम आदमी के घर का बजट बिगाड़ देता है. जैसे-जैसे खपत बढ़ती है, बिल भरने की टेंशन भी बढ़ने लगती है. लेकिन अब केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ इस परेशानी का एक पक्का और हमेशा के लिए काम आने वाला इलाज निकाल दिया है. अगर आप अपनी छत पर सोलर पैनल लगवाने का मन बना रहे हैं, तो अब यह काम पहले से बहुत ज्यादा आसान और सस्ता हो गया है. इस योजना के तहत सरकार आपको अपनी तरफ से 78 हजार रुपये तक की बड़ी आर्थिक मदद (सब्सिडी) देती है. इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े बैंक बहुत ही मामूली ब्याज पर लोन की सुविधा भी दे रहे हैं. इसका सीधा फायदा यह होगा कि एक बार छत पर सोलर सिस्टम लग गया, तो आपका बिजली बिल लगभग हो जाएगा और आप अपनी जरूरत की बिजली खुद बना सकेंगे.
सब्सिडी का पूरा गणित समझ लें:- इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि आम इंसान को अपनी जेब से बहुत ज्यादा पैसा नहीं लगाना पड़ता. सरकार आपके सोलर सिस्टम की क्षमता के हिसाब से पैसा सीधे आपके बैंक खाते में भेजती है. अगर आप 1 किलोवाट का पैनल लगाते हैं तो 30,000 रुपये और 2 किलोवाट पर 60,000 रुपये की मदद मिलती है. वहीं, अगर आप 3 किलोवाट या उससे बड़ा सिस्टम लगाते हैं, तो आपको अधिकतम 78,000 रुपये की छूट मिलेगी. बाकी बचे हुए खर्च के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा केवल 5.75% की सालाना ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का लोन दे रहा है. अगर खर्च ज्यादा है, तो आप 6 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं, जिस पर ब्याज दरें 7.90% से शुरू होती हैं.
बिना गारंटी के घर बैठे मिलेगा पैसा:- अक्सर लोग लोन के नाम पर बैंक के चक्कर काटने से डरते हैं. इसे देखते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा ने 2 लाख रुपये तक के सोलर लोन का पूरा काम ऑनलाइन कर दिया है. सबसे बड़ी राहत यह है कि 2 लाख रुपये तक के लोन के लिए आपको न तो कुछ गिरवी रखना है और न ही कोई इनकम प्रूफ या सैलरी स्लिप दिखानी है.
लोन चुकाने के लिए 10 साल का वक्त:- इस योजना में लोन चुकाने के लिए ग्राहकों को 10 साल (120 महीने) का लंबा वक्त दिया जाता है. इसमें शुरुआती 6 महीने का ‘मोरेटोरियम पीरियड’ भी शामिल है, जिसका मतलब है कि पैनल लगने के शुरुआती महीनों में आपको किस्त (EMI) भरने की कोई टेंशन नहीं लेनी है. सरकार जो सब्सिडी का पैसा देती है, वह सीधे आपके लोन अकाउंट में एडजस्ट हो जाता है. इससे आपका मूलधन कम हो जाता है और किस्त का बोझ भी घट जाता है. इसके साथ ही, योजना में ‘नेट-मीटरिंग’ का भी शानदार फायदा है. अगर आपका सोलर पैनल आपकी जरूरत से ज्यादा बिजली बनाता है, तो आप उस बची हुई बिजली को वापस बिजली विभाग (ग्रिड) को दे सकते हैं. इसके बदले आपके बिल में क्रेडिट जुड़ जाएगा, जिससे बाकी बचा हुआ बिल भी पूरी तरह से खत्म हो सकता है. अगर आप भी इस बेहतरीन मौके का फायदा उठाना चाहते हैं, तो आप pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आसानी से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.



