अनीता गर्ग अमन पथ ब्यूरो रायगढ़ / कुड़ेकेला : जिला रायगढ़ पूरे देश में औद्योगिक जिला के नाम से जाना जाता । यहां कई स्टील्स प्लांट, पावर प्लांट और भी बहुत से प्रकार के प्लांट स्थापित है। पावर प्लांट को चलाने के लिए कोयले की भी आवश्यकता पड़ती है और जहां कोयला जलेगा वहां फ्लाई एश भी निकलेगा जिसे पर्यावरण विभाग के नियमों का पालन करते हुए यूटिलाइजेशन करना होता है ।जैसा कि आप जानते हैं डस्ट चाहे सड़कों के उड़ते धूल हो या कोयला की गाड़ियों से गिरता चुरा का डस्ट उड़ना, या प्लांटो का जला हुआ डस्ट , सभी प्रकार के डस्ट वायु को प्रदूषित करती है और सेहत के लिए हानिकारक होता है। पर यदि जहां बिजली की जरूरत होती है चाहे वो उद्योग हो या हमारा घर बिजली की सभी जगह जरूरत होती है । और अगर बिजली सब को चाहिए तो कोयला का जलना और उस कोयले के जलने के बाद फ्लाई एश निकलना कोई नई बात नहीं है ,फ्लाई एश का यूटिलाइजेशन करना बहुत जरूरी है। परंतु रायगढ़ जिला के कुछ ब्लैकमेंलर पत्रकारों को अच्छा धंधा मिल गया है फर्जी शिकायत करवा कर शासन प्रशासन को भ्रमित और गुमराह करने के लिए गलत तथ्यों की जानकारी दें कुछ प्रिंट समाचार पत्रों और कुछ पोर्टल के माध्यम से समाचार प्रकाशित करवाया जा रहा है।

जो प्लांट एवं ट्रांसपोर्टर विधि वत परमिशन ले फ्लाईएस यूटिलाइजेशन में प्रशासन का सहयोग कर रहा है ऐसे प्लांटो को कुछ ब्लैकमेंलर पत्रकारो के द्वारा लगातार उगाही की नीयत से परेशान कर रहे हैं। और जहां जिले में अवैध डंपिंग का खेल खेला जा रहा है उनसे साठगांठ कर सही तथ्यों को प्रकाशित न कर बल्कि लगातार कुछ बुद्धिजीवो के द्वारा लोकतंत्र की चौथे स्तंभ पर लगातार प्रश्नवाचक चिन्ह लगाया जा रहा है।
जीता जागता सबूत के साथ यह समाचार
कुड़ेकेला में प्रत्येक सोमवार को साप्ताहिक बाजार भरता है जहां हजारों लोग खरीदी बिक्री करने आते है यहां बच्चे ,बूढ़े जवान सभी के जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है । आखिर यह अवैध राखड़ धीमा जहर का खेल किसके सह और किसके संरक्षण से खेला गया। उसी मांड नदी के पानी से कई लाखों एकड़ खेती की सिंचाई होती है ,जिसका जहरीले पानी से खेती खराब होने की पूरी संभावना है ।
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