वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है. इस तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना गया है. इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है और व्रत रखने की परंपरा भी है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. पापों का भी नाश होता है. कहा जाता है कि इस दिन सच्चे मन से व्रत रखने और भगवान विष्णु की आराधना करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं.
शुभ योग में मनाई जाएगी मोहिनी एकादशी:- इस वर्ष मोहिनी एकादशी का व्रत 27 अप्रैल 2026, सोमवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ रखा जाएगा. इस दिन ध्रुव योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो सुबह से शुरू होकर रात 9 बजकर 36 मिनट तक प्रभावी रहेगा. यह योग भगवान विष्णु से जुड़ा माना जाता है और जीवन में स्थिरता व सकारात्मकता लाने वाला होता है. वहीं, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 53 से दोपहर 12 बजकर 45 तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है.
मोहिनी एकादशी का महत्व:- इस दिन प्रभु श्रीराम एवं विष्णुजी के मोहिनी स्वरूप का पूजन-अर्चन किया जाता है. पदम् पुराण के अनुसार, त्रेता युग में महर्षि वशिष्ठ के कहने से भगवान राम ने इस व्रत को किया. ऐसा कहा जाता है कि यह व्रत सब प्रकार के दुखों का निवारण करने वाला, सब पापों को हरने वाला है. मोहिनी एकादशी के दिन साधक को भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए विधि-विधान से उनकी पूजा-आराधना करनी चाहिए.
मोहिनी एकादशी पर क्या करें:- इस मौके पर ‘विष्णु सहस्रनाम’ का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है. ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करना भी उत्तम है. साथ ही इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. स्नान के बाद पीले वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु की पूजा करें. भगवान को पीले फूल चढ़ाकर धूप, दीप, नैवेद्य का भोग लगाएं. विष्णु भगवान की आरती करें. इस दिन गरीबों को भोजन करवाने का भी महत्व है.



