महासमुंद : राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने टोल प्लाजा पर ‘नमस्ते संस्कृति’ की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग में चलने वाले यात्रियों को सम्मानजनक और सौहार्दपूर्ण ट्रक चालक का नमस्ते कहकर अभिवादन करना है। यह पहल राजधानी रायपुर स्थित मंदिर हसौद टोल प्लाजा में पिछले एक सप्ताह से देखने को मिल रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्देश के तहत टोल प्लाजा में कार्यरत कर्मी टोल में आने वाले सभी वाहन चालकों को बकायदा हाथ जोड़कर उनका स्वागत कर यात्रियों को सम्मानजनक व्यवहार कर रहें है।
टोल प्रबंधन द्वारा सरकार के निर्देश पर आने वाले वाहन चालकों को भी टोल प्रबंधन की इस नई पहल से खुशी मिल रहीं है। यह नई पहल केवल छग में ही नहीं बल्कि देशभर के पूरे टोल प्लाजा पर शुरु की गई है जिससे टोल पर आने वाहन चालकों को टोल का बेहतर अनुभव मिल रहा है। बता दें कि इससे पूर्व टोल प्लाजा पर विवाद की खबरें अक्सर सामने आती रही हैं, पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की एक सकारात्मक और सांस्कृतिक पहल शुरू होने से ऐसे खबरों पर लगाम लगेगा और यात्रियों को भी इसका सुखद अनुभव मिलेगा। मंदिर हसौद टोल प्लाजा के प्रबंधक जसविंदर सिंग ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश का टोल पर पूर्ण रूप से पालन किया जा रहा है। टोल गेट पर पदस्थ पुरूष कर्मी के साथ महिला कर्मी भी सभी प्रकार के वाहन चालकों को हाथ जोड़ नमस्ते कहकर उनका स्वागत कर रहीं हैं।
यात्रियों का कर रहे अभिवादन
इस पहल के तहत टोल प्लाजा कर्मी टिकट जारी करते समय और फास्टैग लेन-देन के दौरान यात्रियों का पारंपरिक भारतीय संस्कृति में हाथ जोड़कर ‘नमस्ते’ कहकर स्वागत कर रहे हैं। यह प्रयास ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना को मजबूत करते हुए यात्रियों और कर्मचारियों के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित कर रहा है।
कर्मियों को दिया गया है प्रशिक्षण
‘नमस्ते कल्चर’ को प्रभावी बनाने के लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें विनम्र व्यवहार, मुस्कान के साथ अभिवादन, सकारात्मक बॉडी लैंग्वेज और किसी भी विवाद की स्थिति में शांतिपूर्ण व त्वरित समाधान पर जोर दिया गया है।



