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झारखंड में बढ़ती गर्मी और लू की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने जारी किया अलर्ट…

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झारखंड में बढ़ते गर्मी और लू की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इसमें बढ़ते जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ती गर्मी का जिक्र किया गया है. सरकार ने राज्य को स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह तैयार रखने और इमरजेंसी केयर सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और खास तौर पर छोटे बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.साथ ही अस्पतालों में हीट स्ट्रोक रूम, रेस्ट कॉर्नर, पर्याप्त दवाएं, एम्बुलेंस सुविधा और शरीर को ठंडा रखने के इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है. इसके लिए एक स्पष्ट प्रोटोकॉल तैयार किया गया है, जिसमें क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसकी पूरी जानकारी दी गई है. इसके अलावा मौसम विभाग द्वारा निर्धारित रंग आधारित चेतावनी प्रणाली लागू की जाएगी, जिसके तहत समय-समय पर अलर्ट जारी किए जाएंगे, जिससे प्रशासन और आम लोग पहले से सतर्क रह सकें.

अस्पतालों में इमरजेंसी हीट स्ट्रोक यूनिट:- अत्यधिक गर्मी के दौरान किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा और डायल 104 चिकित्सा सहायता सेवा को विशेष तौर पर एक्टिव रहने को कहा गया है. विशेष निगरानी के लिए हीट स्ट्रोक रिर्पोटिंग सिस्टम को डेवलप किया जाएगा. साथ ही राज्य के सभी जिलों में लू से बचने के लिए निचले क्रम के सभी अस्पतालों में हिट हेल्प डेस्क और जिला अस्पतालों में इमरजेंसी हीट स्ट्रोक यूनिट बनेंगे.

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेताया:- भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार झारखंड में गर्मी की तीव्रता और बार-बार बढ़ने की संभावना है, जिससे लू चलने के आसार हैं. इसलिए राज्य में लू से बचाव के लिए प्रभावी योजना बनाकर जोखिम वाले इलाकों और संवेदनशील लोगों की पहचान कर विशेष सुरक्षा उपाय करने की जरूरत बताई गई है.

4 से 10 मई तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह:- 4 से 10 मई तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जाएगा. गर्मी में अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने और सही प्रबंधन के साथ फायर सेफ्टी ऑडिट करने के निर्देश दिए गए हैं. इस दौरान अस्पतालों को आग से बचाव के उपाय भी बताए जाएंगे. इस संबंध में भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिशानिर्देश जारी किए हैं. बढ़ते बिजली लोड के कारण उपकरण ओवरहीट होकर खराब हो सकते हैं, इसलिए गर्मी के दौरान अस्पतालों में समय-समय पर फायर सेफ्टी ऑडिट करना जरूरी बताया गया है.

अस्पतालों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार की एडवायजरी:- अस्पतालों में गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं अक्सर देखने को मिलती हैं. इस बार सीजन शुरू होने से पहले ही इन्हें रोकने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है. राज्यों को अपने क्षेत्र के सभी मान्यता प्राप्त अस्पतालों की जांच करनी होगी और बिजली मीटर पर खास निगरानी रखनी होगी. फायर सेफ्टी ऑडिट पर विशेष ध्यान देना होगा. साथ ही हवा आने-जाने की सही व्यवस्था, आग से बचाव वाले दरवाजे, गलियारों में इमरजेंसी लाइट और सुरक्षित सीढ़ियों की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी.

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