एस एच अज़हर अमन पथ दंतेवाड़ा : थाना कटेकल्याण, जिला दंतेवाड़ा के अपराध क्रमांक 02/2001, धारा 302, 201, 34 भादवि के प्रकरण में हत्या का आरोपी सोढ़ी मासा पिता कुम्मा, उम्र लगभग 45 वर्ष, निवासी ग्राम गाटम डोंगरीपारा, थाना कटेकल्याण, को 21 वर्ष बाद तेलंगाना राज्य के कोत्तागुडेम क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।
उक्त आरोपी वर्ष 2001 से हत्या के मामले में केंद्रीय कारागृह जगदलपुर, जिला बस्तर में निरुद्ध था। वर्ष 2005 में उसे 14 दिनों की पैरोल पर अपने गृह ग्राम गाटम जाने हेतु रिहा किया गया था, किन्तु वह पैरोल अवधि समाप्त होने के पश्चात वापस जेल नहीं लौटा और फरार हो गया। फरारी के दौरान आरोपी ने तेलंगाना राज्य के कोत्तागुडेम के कासनपल्ली क्षेत्र में अपना नाम बदलकर “लालाराम सोढ़ी” रख लिया तथा वहीं छिपकर रह रहा था।
आरोपी की लगातार तलाश थाना कटेकल्याण पुलिस द्वारा की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी का पुत्र हड़मा उर्फ सुरेश सोढ़ी गांव आया हुआ है। उससे पूछताछ करने पर आरोपी सोढ़ी मासा के तेलंगाना के कोत्तागुडेम स्थित कासनपल्ली में नाम-पता बदलकर रहने की जानकारी प्राप्त हुई।
प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कटेकल्याण के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के आदेशानुसार थाना कटेकल्याण से निरीक्षक निर्मल वर्मा, आरक्षक क्रमांक 478 भीमाराम कोर्राम एवं डीएसएफ आर. 3025 कन्हैया यादव की टीम को तेलंगाना रवाना किया गया।
पुलिस टीम द्वारा कोत्तागुडेम, तेलंगाना से स्थायी वारंटी एवं फरार आरोपी सोढ़ी मासा को गिरफ्तार कर माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायालय, जगदलपुर में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के आदेशानुसार आरोपी को केंद्रीय कारागृह जगदलपुर, जिला बस्तर में दाखिल कराया गया।
उक्त स्थायी वारंटी की पतासाजी एवं गिरफ्तारी में थाना कटेकल्याण के उप निरीक्षक बी.आर. राजपूत, सहायक उप निरीक्षक पूनम साय धुर्वा, प्रधान आरक्षक सुकड़ू राम बघेल, आरक्षक बृजमोहन पैकरा, आरक्षक भीमाराम कोर्राम एवं डीएसएफ आरक्षक कन्हैया यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



