इटरनल लिमिटेड (पहले जोमैटो), जो फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और क्विक कॉमर्स फर्म ब्लिंकिट चलाती है, ने 28 अप्रैल को बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की चौथी तिमाही (Q4) में उसका तिमाही प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 71 प्रतिशत साल-दर-साल (YoY) बढ़कर 174 करोड़ रुपए हो गया. पिछले साल इसी अवधि में यह 39 करोड़ रुपए था. वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी ने 102 करोड़ रुपये का PAT दर्ज किया था. विश्लेषकों के Reuters-LSEG पोल में Q4 के नेट प्रॉफिट का अनुमान 121 करोड़ रुपए लगाया गया था. उम्मीद से बेहतर यह प्रदर्शन कंपनी की क्विक-कॉमर्स यूनिट ब्लिंकिट में लगातार हो रही वृद्धि और उसके मुख्य फूड डिलीवरी कारोबार (जिसमें Zomato भी शामिल है) में हो रहे स्थिर विस्तार के कारण संभव हुआ.
इटरनल के रेवेन्यू में इजाफा:- पूरे वित्त वर्ष के लिए कंपनी का लाभ 366 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 527 करोड़ रुपए की तुलना में 31 फीसदी कम है. जबकि वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 351 रुपए देखने को मिला था. Eternal का ऑपरेशनल से होने वाला रेवेन्यू Q4 में 196 फीसदी बढ़कर 17,292 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले 5,833 करोड़ रुपए था. पिछली तिमाही में कंपनी ने 16,315 करोड़ रुपए का रेवेन्यू दर्ज किया था. पूरे साल के लिए, कंपनी ने 54,364 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटिड ऑपरेशनल रेवेन्यू दर्ज किया, जो वित्त वर्ष 2025 के 20,243 करोड़ रुपए की तुलना में 169 प्रतिशत (YoY) अधिक है.
खर्च में भी कोई कमी नहीं:- इन नतीजों पर शेयर बाजार ने पॉजिटिव रिस्पांस दिया. शेयर ने दिन के दौरान हुई अपनी सारी गिरावट को मिटाते हुए बढ़त बना ली. दिन के निचले स्तर से शेयर में 5.5 प्रतिशत तक की रिकवरी हुई और दोपहर बाद के कारोबार में यह 1.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 258.4 रुपए पर कारोबार कर रहा था. गुरुग्राम स्थित इस कंपनी का कुल खर्च मार्च में समाप्त तिमाही में बढ़कर 17,406 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले 6,104 करोड़ रुपए और एक तिमाही पहले 16,493 करोड़ रुपए था. पूरे साल के लिए, कंपनी का खर्च 55,145 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल के 20,623 करोड़ रुपए से 167 फीसदी ज्यादा है. Zomato ने तिमाही के आखिर में 17,972 करोड़ रुपए के कैश बैलेंस के साथ खत्म किया, जो पिछली तिमाही के 17,820 करोड़ रुपए से थोड़ा ज्यादा है.
गोइंग आउट का बिहजनेस:- जोमैटो के गोइंग आउट बिजनेस का रेवेन्यू Q4 FY26 में 21 प्रतिशत बढ़कर 277 करोड़ रुपए हो गया, जबकि Q4 FY25 में यह 229 करोड़ रुपए था. पिछली तिमाही की तुलना में, रेवेन्यू Q3 के 300 करोड़ रुपए से कम हो गया. इस बिजनेस का NOV एक तिमाही पहले के 2,587 करोड़ रुपए से बढ़कर Q3 में 2,736 करोड़ रुपए हो गया. कंपनी ने पिछले साल 1,868 करोड़ रुपए का NOV दर्ज किया था.



