बुद्ध पूर्णिमा भगवान गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़ा सबसे विशेष दिन है। इस दिन श्रद्धालु भगवान बुद्ध को याद करते हैं और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। ये पर्व मानव जीवन के मूलभूत सिद्धांतों को समझने का अवसर प्रदान करता है। यह पर्व हमें यह भी याद दिलाता है कि जीवन में दुख होना स्वाभाविक है और उससे बाहर निकलने का रास्ता भी हमारे पास ही है। बस जरूरत होती है उसे समझने की। चलिए जानते हैं इस साल बुद्ध पूर्णिमा किस दिन मनाई जाएगी।
बुद्ध पूर्णिमा कब है 2026
बुद्ध पूर्णिमा 1 मई 2026 को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल की रात 09:12 से 1 मई की रात 10:52 बजे तक रहेगी।
बुद्ध पूर्णिमा कैसे मनाई जाती है?
- बुद्ध पूर्णिमा के दिन श्रद्धालु सुबह स्नान करके भगवान बुद्ध की विधि विधान पूजा करते हैं और उनके उपदेशों का स्मरण करते हैं।
- मंदिरों में इस दिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जहां भिक्षु और विद्वान बुद्ध के जीवन पर प्रकाश डालते हैं।
- इस दिन लोग ध्यान और प्रार्थना के माध्यम से अपने मन को शांत करने का प्रयास करते हैं।
- कई स्थानों पर इस दिन लोग एकत्र होकर धर्म प्रवचन सुनते हैं और साथ ही सामूहिक ध्यान भी करते हैं।
- इस दिन जरूरतमंदों को पानी से भरा घड़ा दान करना बेहद शुभ होता है।
- इस पर्व के दौरान भीषण गर्मी होने के कारण इस दिन पंखा, चप्पल, छाता, अनाज या फल आदि का दान बहुत पुण्यदायी माना जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा का महत्व
बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है। ये दिन अद्वितीय है क्योंकि भगवान बुद्ध के जीवन की तीन प्रमुख घटनाएं इसी दिन हुई थी। पहली घटना लुम्बिनी में भगवान गौतम बुद्ध का जन्म, दूसरी घटना उन्हें सत्य का ज्ञान और तीसरी घटना कुशीनगर में उनका शरीर त्याग और मोक्ष की प्राप्ति। यह पर्व पूरी दुनिया को शांति, करुणा और अहिंसा का मार्ग याद दिलाता है। बुद्ध ने सिखाया कि घृणा को घृणा से नहीं, बल्कि प्रेम से ही जीता जा सकता है।



