बिलासपुर: हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के आव्हान पर छत्तीसगढ़ बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट चकरभाटा के रनवे विस्तार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक उमड़ कर सामने आए। गर्मी की परवाह न करते हुए बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही।
एयरपोर्ट के दक्षिणी हिस्से में गांव तेलसरा तक लगभग 20 से 25 गाड़ियों के काफिले में पहुंचकर जिस तरह लोगों ने श्रमदान कार्यक्रम में भाग लिया है वह साफ जाहिर करता है, एयरपोर्ट के रनवे विस्तार की मांग न केवल जन-जन की मांग है बल्कि अब बिलासपुर की अस्मिता का प्रश्न भी बन गया है।
राज्य सरकार पर रायपुर की लॉबी के दबाव में काम करने का आरोप
कार्यक्रम के दौरान एयरपोर्ट चौक चकरभाटा में हुई सभा में वक्ताओं ने रायपुर की लॉबी के प्रभाव में होने का आरोप राज्य सरकार पर लगाया। वक्ताओं ने कहा, रायपुर की लॉबी बिलासपुर के विकास को अवरुद्ध रखना चाहती है। उन्हें पता है, बिलासपुर के विकसित होने पर रायपुर को प्रभाव पड़ेगा। गौरतलब है, रायपुर और बिलासपुर के बीच ऐतिहासिक रूप से प्रतिद्वंद्विता रही है और यह रेलवे जोन और हाई कोर्ट राजधानी के सवाल पर खुलकर सामने आ चुकी है। राज्य निर्माण के पश्चात लॉ यूनिवर्सिटी, आईआईटी ट्रिपल आईटी, ऐम्स आदि सभी संस्थान रायपुर में स्थापित होने पर यह चर्चा पुनः उठी थी ,परंतु अब एयरपोर्ट के इस विवाद में फिर से एक बार रायपुर बिलासपुर के बीच आपसी प्रतिबद्धता का मुद्दा बड़ा रूप ले रहा है।
कार्यक्रम के औचित्य पर प्रकाश डालते हुए समिति ने बताया, 1 मई मजदूर दिवस के दिन चकरभाटा एयरपोर्ट के नजदीक प्रतीकात्मक श्रमदान का कार्यक्रम कर एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई वर्तमान में 1490 मीटर से बढ़कर 2200 मीटर तक करने की मांग को बुलंद करना चाहती है। यह निर्णय हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने इसलिए लिया, रक्षा मंत्रालय के कब्जे वाली 290 एकड़ जमीन जनवरी माह में वापस मिल जाने के बाद भी अब तक एयरपोर्ट रनवे विस्तार के लिए कोई भी धनराशि स्वीकृत नहीं हुई है और ना ही इसके लिए कोई घोषणा की गई है।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया, देशभर में अंतर राज्य हवाई सुविधा देने वाले लगभग 800 विमान में से 650 विमान एयरबस और बोइंग श्रेणी के हैं। इन्हें लैंडिंग और टेक ऑफ के लिए कम से कम 2200 मी का रनवे आवश्यक है। इनके अलावा जो विमान 70 और 80 सीटर देश में संचालित हो रहे हैं उनमें भी बम्बार्डियर और अंब्रेरर श्रेणी के विमान भी कम से कम 1800 मी रनवे में ही संचालित हो सकते हैं। यहां तक की एटीआर विमान भी गर्मी में पूरा 70 सवारी लेकर 1700 मी रनवे में ही टेक ऑफ कर सकते हैं। इसलिए गर्मी के मौसम में 50-55 से अधिक सवारी लेकर विमान नहीं उड़ पाए। समिति ने कहा की स्थिति तो इतनी खराब है कि बिलासपुर एयरपोर्ट का रनवे अंबिकापुर की रनवे 1920 मीटर और जगदलपुर के रनवे 1707 मीटर से भी छोटा है।
इन सभी समस्याओं की समाप्ति रनवे के विस्तार से संभव है और इस विस्तार कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार पिछले करीब 2 वर्षों में कई बार आश्वासन दे चुकी है। समिति ने बताया कि प्रथम चरण में 2200 मीटर तक रेलवे विस्तार प्रस्तावित है और उसके बाद 2885 मीटर तक रनवे का विस्तार होना है। क्योंकि पहले रक्षा मंत्रालय की भूमि उपलब्ध नहीं थी यह काम रुका हुआ था परंतु अब ऐसी कोई बाधा नहीं है।
आज के कार्यक्रम में चकरभाटा एयरपोर्ट पर एक सभा करने के पश्चात सभी गाड़ियों का काफिला धमना गांव होते हुए तेलसारा गांव पहुंचा, जहां एयरपोर्ट की दक्षिणी सीमा में वह जमीन उपलब्ध है जिस पर अब विस्तार होना है। जमीन पर चूना से सीमांकन अधिकार गैती और फावड़ा चलकर प्रतीकात्मक श्रमदान का कार्यक्रम किया गया। आज के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में और नागरिक संगठन में भागीदारी रही।
इनकी रही मौजूदगी
चकरभाठा बिल्हा क्षेत्र से सियाराम कौशिक, विजय वर्मा राजेंद्र शुक्ला, गीतांजलि कौशिक, प्रकाश बिंदल, जसवीर सिंह चावला, दिवाकर दुबे, योगेश कौशिक, राजा व्यास, आशाराम खरे , संजू पाल राकेश भारत, आशीष खत्री, विष्णु धनकर, अभिषेक कश्यप, राजकुमार साहू उपस्थित रहे।
ट्रक मालिक संघ एवं रेलवे कामगार मजदूर यूनियन माल गोदाम के साथी शत्रुघन राट्रे, तारण कुर्रे, अशोक बत्रा मोहम्मदआदिल खान मकसूद हसन यशपाल राणाजी विद्यापाल वाधवानीजी शानू खान ,
जिला निषाद संघ के परसराम कैवर्त, हर प्रसाद कैवर्त, हीरालाल कैवर्त, सुरेश कैवर्त, शत्रुघ्न कैवर्त ने भी कार्यक्रम में भागीदारी की।
इन सभी के अलावा हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के सक्रिय सदस्यों रामशरण यादव, महेश दुबे टाटा, विजय पांडे, अभय नारायण राय, प्रमोद नायक, मनोज तिवारी, स्वर्ण शुक्ला, राजेश शुक्ला, समीर अहमद बबला, बद्री यादव, मनोज श्रीवास, राघवेंद्र सिंह ठाकुर, रमाशंकर बघेल, केशव गोरख, दीपक कश्यप चित्रकांत श्रीवास, गोपी राव, रणजीत सिंह खनूजा मजहर खान, संतोष पीपलवा, ऋषि राज सिंह गौतम, आशुतोष शर्मा, प्रशांत सिंह, विभूतिभूषण गौतम, विजय तिवारी, ओम प्रकाश शर्मा , अनिल गुलहरे, प्रतीक तिवारी, नवीन वर्मा, शिरीष कश्यप, अमित यादव मनीष मानिकपुरी, रवि यादव, सागर रजक, समर प्रताप ध्रुव, आदित्य ध्रुव और सुदीप श्रीवास्तव शामिल रहे।



