Home छत्तीसगढ़ बालोद में ब्रह्माकुमारीज का स्नेह मिलन: अधिकारियों को मिला आध्यात्मिक सशक्तिकरण का...

बालोद में ब्रह्माकुमारीज का स्नेह मिलन: अधिकारियों को मिला आध्यात्मिक सशक्तिकरण का संदेश

0

अमन पथ न्यूज़ से उत्तम साहू बालोद  : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय आनंद सरोवर बघेरा में, कार्यालय संयुक्त आयुक्त सहकारिता एवं संयुक्त पंजीयन सहकारी संस्थाएं दुर्ग संभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों का स्नेह मिलन का कार्यक्रम रखा गया । ब्रह्माकुमारी संस्था “सर्व के सहयोग से सुखमय संसार ” के उद्देश्य को लेकर आध्यात्मिक सशक्तिकरण द्वारा समाज में नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिए विगत 90 वर्षों सतत प्रयासरत है, जबकि सहकारिता विभाग का भी मुख्य उद्देश्य लोगों को आपसी सहयोग के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना होता है। ब्रह्माकुमारीज संस्थान के अनुभव से लाभान्वित होकर अपने उद्देश्यों को और बेहतर तरीके से कार्यान्वित करने के लिए यह कार्यक्रम रखा गया।

ब्रह्माकुमारी रीटा दीदी संचालिका ब्रह्माकुमारीज दुर्ग ने कहा कि आध्यात्मिक सशक्तिकरण के लिए आध्यात्मिक जागृति जरूरी है। जब हम स्वयं को शरीर समझते हैं और शरीर समझकर व्यवहार करते हैं यही हमारे दुःख, चिंता और तनाव का कारण है यह यह शरीर मेरा है,न कि मैं शरीर हूँ । हम अविनाशी चैतन्य आत्माएं हैं। आत्मा एक चैतन्य शक्ति है। ज्योति बिंदु स्वरूप है और हमारा मूल गुण शांति, प्रेम ,आनंद है अगर हम इसी स्मृति में रहते हैं तो हम सहज ही शांति, प्रेम, आनंद की अनुभूति कर सकते हैं और तनाव मुक्त रह सकते हैं। हम सभी परमपिता परमात्मा शिव की संतान है। परमात्मा शिव भी ज्योति स्वरूप है। सभी धर्म की आत्माओं ने उसे ज्योति के रूप में स्वीकार किया है। परमात्मा सर्व मान्य हैं, सर्वशक्तिमान है, सर्वज्ञ है, सर्वोपरि है, और सर्व का कल्याण करने वाला है। परमात्मा शिव ही सर्व गुणों एवं सर्व शक्तियों का मुख्य स्रोत है। उनसे मन-बुद्धि के द्वारा संबंध जोड़ना ही राजयोग कहलाता है। राजयोग के द्वारा हम परमात्मा के सर्वगुणों और सर्वशक्तियों का सहज अनुभूति कर सकते हैं।

मुकेश ध्रुव (संयुक्त आयुक्त सहकारिता एवं संयुक्त पंजीयन सहकारी संस्थान दुर्ग संभाग) ने अपने उद्बोधन में कहा कहा कि हमारे घरों में, ऑफिस मे कई ऐसी बातें हो जाती है जिसके कारण परेशान हो जाते हैं। तनाव में आ जाते हैं लेकिन ब्रह्माकुमारी दीदीयों द्वारा बताई गई विधि को अगर हम अपने जीवन में अपनाएंगे तो निश्चित तौर पर तनाव मुक्त रहेंगे और खुशी का भी अनुभव करेंगे जिससे ऑफिस में हमारी कार्यक्षमता बढ़ेगी। यहां का शांत वातावरण में आनंद की अनुभूति हो रही हैं यहां आकर मुझे बहुत अच्छा अनुभव हो रहा है। इस आयोजन के लिए संस्था को साधुवाद देते हैं कि आपने हम सभी के आंतरिक सशक्तिकरण के लिए यह आयोजन किए ।

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी चैतन्य प्रभा बहन जी ने कहा कि हम अपने जीवन में सदा शांति और खुशी का अनुभव क्यों नहीं कर पाते क्योंकि हमें यह ज्ञान ही नहीं है कि शांति, खुशी, आनंद हमारे अंदर ही है। हमे किसी परिस्थिति या व्यक्ति के कारण अपने मन को डिस्टर्ब नही करना है। मैं शांत हूं, मैं सदा खुश हूं, मैं शक्तिशाली हूं यह स्मृति मन को सदा हल्का रखती है।इस कार्यक्रम में युगल कुमार मिश्रा अंकेक्षण अधिकारी सहकारी संस्थाएं दुर्ग संभाग सहित बड़ी संख्या में संभाग आयुक्त सहकारिता विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here