दुबई, संयुक्त अरब अमीरात : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी सेना ने दो ईरानी तैल टैंकरों पर हमला कर उन्हें निष्क्रिय कर दिया है। एपी की रिपोर्ट के मुताबिक इस इलाके में रात भर दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई थी जिसके बाद ये खबर निकलकर सामने आई। उधर, संयुक्त अरब अमीरात का कहना है कि उसके ऊपर ईरानी मिसाइल और ड्रोन से हमला किय गया। इन ताजा घटनाक्रमों से एक बार फिर मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।
अमेरिकी ब्लॉकेड को तोड़ने की कोशिश
अमेरिका सैन्य अधिकारियों की मानें तो ईरान के ये टैंकर अमेरिकी ब्लॉकेड को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। अमेरिकी सेना ने बताया कि उसने दो ईरानी टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया है, जो ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इससे कुछ घंटे पहले, सेना ने बताया था कि उसने नौसेना के तीन जहाजों पर होने वाले हमलों को विफल कर दिया और होर्मुज में स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया।
28 फरवरी के बाद से बंद है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल द्वारा युद्ध शुरू किए जाने के बाद से ईरान ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए इस अहम जलमार्ग को बंद कर रखा है जिसके कारण ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है और दुनिया भर के बाजार हिल गए हैं। वहीं अप्रैल में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता टूटने के बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी।
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों का बयान आया सामने
उधर, अमेरिका के विदेशि मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अगर ईरान अमेरिकी हितों को चैलेंज करेगा तो उसे जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बयान भी सामने आया है। उन्होंने ईरानी जहाजों पर अमेरिकी हमले को उकसाने वाली कार्रवाई बताते हुए इसे संघर्षविराम का उल्लंघन करार दिया है।
उधर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि उनका देश सीज़फ़ायर को बढ़ाने और शांति समझौता करने की कोशिश में अमेरिका और ईरान के साथ दिन-रात संपर्क में है। बता दें कि सीजफायर को लेकर अमेरिका की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर ईरान राजी नहीं है। परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज में आवाजाही को लेकर गतिरोध बना हुआ है। इस बीच होर्मुज में हुए घटनाक्रम ने दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी है।



