जांजगीर : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में धान खरीदी केंद्रों पर धान शॉर्टेज के मामले में पुलिस ने तीन कंप्यूटर ऑपरेटरों के खिलाफ दर्ज एफआईआर किया है। अब संघ ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। कंप्यूटर ऑपरेटर संघ ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर न्यायोचित हस्तक्षेप की मांग की है।
संघ ने ज्ञापन में बताया है, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सहकारी समितियों और खरीदी केंद्रों के माध्यम से होता है। इस प्रक्रिया में धान खरीदी प्रभारी, समिति प्रबंधक, समिति अध्यक्ष, नोडल अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी और भंडारण प्रभारी जैसे कई प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार होते हैं। कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका केवल तकनीकी कार्य और ऑनलाइन डेटा एंट्री तक सीमित होती है।
बीना साक्ष्य के तीन कंप्यूटर ऑपरेटरों पर FIR
ऑपरेटरों का आरोप है, जिले के विभिन्न खरीदी केंद्रों में धान शॉर्टेज के मामले में बिना किसी प्रत्यक्ष साक्ष्य के तीन कंप्यूटर ऑपरेटरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस कार्रवाई से कंप्यूटर ऑपरेटरों में भय और मानसिक तनाव का माहौल है।
संघ ने कहा, हमारा काम कंप्यूटर तक है सीमित
ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है, कंप्यूटर ऑपरेटरों के पास न तो कोई वित्तीय अधिकार होते हैं और न ही उन्हें धान के भौतिक सत्यापन, सुरक्षा या स्टॉक प्रबंधन की जिम्मेदारी दी जाती है। उनका कार्य केवल किसान पंजीयन, टोकन एंट्री, पोर्टल संचालन और रिपोर्ट प्रिंट करने तक सीमित है। इसके बावजूद उन्हें आरोपी बनाए जाने पर संघ ने सवाल उठाए हैं। ऑपरेटर संघ ने मामलों की निष्पक्ष जांच करने वास्तविक जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।



