Home छत्तीसगढ़ नीट पेपर लीक,केंद्र सरकार की परीक्षा अव्यवस्था का साक्ष्य: राशि

नीट पेपर लीक,केंद्र सरकार की परीक्षा अव्यवस्था का साक्ष्य: राशि

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महासमुंद : पूर्व वर्ष की तरह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्न पत्र का लीक होना केंद्र के सरकार की परीक्षा अव्यवस्था का साक्ष्य है। सरकार की ठोस कार्रवाई ना करना अनेक संदेहों को जन्म देता है। परीक्षा उत्तीर्ण कर उच्च पदों पर जाने की तैयारी कर रहे छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ खिलावाड़ है। उक्त बातें जारी प्रेस विज्ञप्ति में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय समन्वयक श्रीमति राशि त्रिभुवन महिलांग ने कही।श्रीमति महिलांग ने कहा कि सरकार यह बताने में अशमर्थ है कि पेपर लीक जैसे गोरख धंधे पर लगाम लगाने में आज तक क्यो असफल है ? कार्रवाई के नाम पर केवल जनमानस के आक्रोश को शांत करने उद्देश्य से केंद्र सरकार एनटीए प्रमुख को डीजी पद से हटा दिया गया। आक्रोश शांत होने पर उन्हें स्टील मिनिस्ट्री में पदस्थ किया गया। पश्चात उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य की भर्ती परीक्षा का प्रमुख बना दिया गया।

गत वर्ष पश्चात इस वर्ष भी परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखो परीक्षार्थियों का भविष्य पेपर लीक के चलते अंधकारमय हो गया। सरकार का इस विषय पर मौन रहना अनेक संदेह व संलिप्तता की ओर इशारा करता है। केंद्र की सरकार एक तरफ पारदर्शी व बेहतर सरकार के कार्यो का गुणगान अपने मुखिया व सरकारी प्रचार तंत्र के माध्यम से करती है। दूसरी ओर देश की महत्वपूर्ण परीक्षाओं में एक नीट का पेपर दुसरे वर्ष भी लीक होना कथनी व करनी को प्रदर्शित करता है। श्रीमति महिलांग ने आगे कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार के कार्यकाल में लगातार पेपर लीक होने परीक्षा की सुचिता भंग हो रही है। कई प्रकरणों में केंद्र सरकार द्वारा कड़ी कार्रवाई का अभाव शिक्षा माफियो को खुला संरक्षण को दर्शाता है। नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में द्वितीय वर्ष भी पेपर लीक होने पर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री (शिक्षा विभाग) धमेंद्र प्रधान का मौन रहना सरकार की अव्यवस्था व ऐसे तत्वों पर काईवाई ना करने की मजबूरी को दर्शाता है। श्रीमती महिलांग ने आगे कहा कि इस वर्ष उक्त परीक्षा में लगभग दो लाख परीक्षार्थी कड़ी मेहनत व प्रतिस्पर्धा के तहत सम्मलित होने वाले थे। पर उक्त पेपर लीक प्रकरण ने उनके आने वाले सुनहरे भविष्य के साथ खिलावाड़ कर दिया।

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