Home छत्तीसगढ़ सराफा कारोबार पर मोदी छाप ताला लगाने की तैयारी : आलोक

सराफा कारोबार पर मोदी छाप ताला लगाने की तैयारी : आलोक

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सोना नहीं खरीदने की अपील बड़े उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुँचाने की साजिश

महासमुंद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 साल तक जनता को सोना नहीं खरीदने की अपील को छग राज्य जीव जंतु कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष व कांग्रेस के प्रदेश संयुक्त महामंत्री आलोक चंद्राकर ने मोदी सरकार द्वारा सराफा कारोबार को ठप करने की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि देश पहले ही आर्थिक मंदी, बेरोजगारी और बाजार में घटती खरीद क्षमता जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में इस तरह का बयान कारोबार को और कमजोर कर सकता है। आलोक चंद्राकर ने कहा कि एक तरफ सरकार व्यापार बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ करोड़ों लोगों को रोजगार देने वाले कारोबार को प्रभावित करने वाले बयान दिए जा रहे हैं। इससे बाजार में डर और अस्थिरता का माहौल बन रहा है।

आलोक चंद्राकर ने आरोप लगाया कि देश के छोटे- मंझोले सराफा कारोबार को मोदी ताला लगाने की साजिश रच रही है। अपने बड़े उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुँचाने के लिए सारे जुगत किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के अपील के बाद सोना-चांदी में इंपोर्ट टैक्स बढ़ा दिया गया। यह मोदी द्वारा रची गई साजिश का हिस्सा है। देश के विभिन्न राज्यों सहित अब छत्तीसगढ़ में भी बड़े उद्योगपति को सोने का खदान आबंटित किया गया है। भविष्य में सोना अडानी और अंबानी जैसे बड़े उद्योगपतियों के अधीन रहेगा। देश के छोटे-मंझोले सराफा कारोबार बंद हो जाएंगे। जिस तरह जगह-जगह रिलायंस प्रेस, रिलायंस मार्ट, जियो पेट्रोल पंप खोले जा रहे हैं, उसी प्रकार अडानी-अंबानी ज्वेलर्स के शॉपिंग मॉल खोले जाएंगे।

आलोक चंद्राकर ने कहा कि नोटबंदी और गलत जीएसटी व्यवस्था के बाद अब सराफा व्यापार पर मोदी छाप ताला लगाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों का असर सीधे छोटे व्यापारियों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है। सराफा कारोबार से लाखों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। अगर बाजार में इसी तरह की अनिश्चितता बनी रही तो छोटे दुकानदारों और कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।

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