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जिले के राजिम मॉडल से प्रेरित होकर प्रदेशभर में चलेगा सीड बॉल महा अभियान, राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न

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राधेश्याम सोनवानी,गरियाबंद :- प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा छत्तीसगढ़ के तत्वावधान मेंआयोजित राज्य स्तरीय सीड बॉल निर्माण सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन चरमूड़िया (कुरूद) में संपन्न हुआ। कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे शिक्षकों, विज्ञान संचारकों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण के लिए पाँच लाख सीडबॉल निर्माण का सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया। राज्य स्तरीय सीड बॉल प्रशिक्षण कार्यशाला की संयोजिका समीक्षा गायकवाड़ ने बताया कि पिछले वर्ष शासकीय राम बिशाल पांडे उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय राजिम में प्रयागराज साइंस क्लब एवं मिशन लाइफ इको क्लब के संयुक्त तत्वावधान में एक लाख सीड बॉल का निर्माण एवं वितरण किया गया था, जिसकी सराहना राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा भी की गई।

इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा संस्था द्वारा इसे राज्यव्यापी स्वरूप देने एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अधिक प्रभावी कार्य करने हेतु छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध ‘बर्डमैन’ संजय साहू ने कहा कि प्रकृति संरक्षण केवल अभियान नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने पक्षियों के लिए दाना, पानी एवं घोंसले उपलब्ध कराने का संदेश देते हुए लोगों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने का आह्वान किया।अध्यक्षीय उद्बोधन में अभिषेक शुक्ला ने कहा कि सीड बॉल निर्माण कम लागत में पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम है और इससे बड़े स्तर पर हरियाली बढ़ाई जा सकती है। समन्वयक संध्या कुशल ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं प्रकृति संरक्षण के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण देना है।

वहीं पूरनलाल साहू ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए वृक्षारोपण एवं बीज संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। डॉ. आशीष नायक एवं डीएमसी नारायणपुर डी.बी. रावटे ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है।डॉ. स्वाति गंधर्व ने कविता के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।समीक्षा गायकवाड़ ने उपस्थित शिक्षकों को सीड बॉल निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया तथा सीड बॉल के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पद्धति प्राचीन समय से प्रकृति संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन का प्रभावी माध्यम रही है।वहीं संदीप सेन, अर्चना शर्मा, भुवनेश्वर मरकाम, नीलिमा गौतम एवं प्रमोद कुमार साहू ने वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का संदेश दिया।कार्यक्रम का सफल संचालन लखन साहू ने किया तथा आभार प्रदर्शन भुवनेश्वर मरकाम ने किया।

समापन समारोह में सभी अतिथियों एवं विज्ञान संचारकों को प्रशस्ति पत्र, सीड बॉल एवं बर्ड घोंसला भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों एवं प्रतिभागियों ने अपने घरों, विद्यालयों, खाली स्थानों, नदी-तालाब किनारे एवं आसपास के क्षेत्रों में सीड बॉल वितरण कर धरती को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विभिन्न जिलों से आए बृजलाल मंडावी, ब्रजेश्वरी रावटे , नम्मू सरोज, संतोषी डड़सेना,अशोक जंघेल, टंकेश्वर टेकराम जनार्दन,फणीश्वर साहू, क्षमा उइके, ज्योति सराफ,अंजली मौर्य, आत्मा राम साहू,भुनेश्वर मरकाम, प्रमोद साहू, फनेश्वर साहू,चंद्रिका सिंह ,हरनारायण कुर्रे, परमिंदर कौर गिल ,नीलिमा गौतम संचारक उपस्थित थे। जिले से शुरू हुए इस अभियान पर जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर, डीएमसी शिवेश शुक्ला, एपीसी मनोज केला, विल्सन पी थॉमस, विद्यालय के प्राचार्य बी.एल. ध्रुव, इको क्लब जिला समन्वयक सागर शर्मा, व्याख्याता कमल सोनकर, गोपाल देवांगन, शिखा महाड़िक सहित शिक्षकों एवं शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष सुजाता शर्मा, राष्ट्रीय आईटी सेल प्रभारी विवेक शर्मा, सांसद प्रतिनिधि सोमनाथ पटेल, विधायक प्रतिनिधि खुशी साहू सहित समस्त सदस्यों अनेक शिक्षाविदों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

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