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दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा, विवेचना अधिकारी को SSP नकद पुरस्कार से करेंगे सम्मानित, पढ़िए क्या है मामला?

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बिलासपुर 22 मई 2026 :  शादी का झांसा देकर नाबालिग को बहला-फुसलाकर छत्तीसगढ़ से दूसरे प्रांत ले जाकर लगातार दैहिक शोषण के आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के एसएसपी रजनेश सिंह ने विवेचक एएसआई को नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।

छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र के बेलगहना चौकी की घटना है। 3 अप्रैल 2024 को आरोपी रामसागर मानिकपुरी ने एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर उसका अपहरण कर लिया था। पीड़िता के परिजन की रिपोर्ट पर पुलिस चौकी बेलगहना में आरोपी के खिलाफ 137 (2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना अधिकारी मोतीलाल सूर्यवंशी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को शिवपेट (तमिलनाडु) से सकुशल बरामद किया।

जांच के दौरान यह बात सामने आई, आरोपी रामसागर मानिकपुरी ने बालिका को शादी का झांसा देकर भगाया था और उसे डरा-धमकाकर लगातार उसके साथ शारीरिक संबंध बना रहा था। पीड़िता की गवाही के बाद पुलिस ने मामले में धारा 87, 64 (2) (ड़), 351 (3) इ और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 जोड़ा, आरोपी को गिरफ्तार कर को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था।

मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश FTC बिलासपुर के कोर्ट में हुई। मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी रामसागर मानिकपुरी को विभिन्न धाराओं के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।

एएसआई की विवेचना और चार्जशीट के आधार पर आया कोर्ट का फैसला

एएसआई व विवेचना अधिकारी मोतीलाल सूर्यवंशी ने मामले की सटीक विवेचना की थी। विवेचना के बाद कोर्ट में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर किया था। विवेचना और चार्जशीट के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है। सटीक विवेचना के लिए बिलासपुर जिले के एसएसपी रजनेश सिंह ने एएसआई को नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।

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