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लोक आस्था सेवा संस्थान के द्वारा पीएचएफ के सहयोग से महिला घरेलू हिंसा पर कानूनी प्रशिक्षण आयोजित किया गया

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राधेश्याम सोनवानी, गरियाबंद :- लोक आस्था सेवा संस्थान के द्वारा पीएचएफ के सहयोग से महिला घरेलू हिंसा पर कानूनी प्रशिक्षण आयोजित किया गया जिसमें छुरा और गरियाबंद ब्लॉक से 42 किशोरी और महिलाएं शामिल हुई |प्रशिक्षण की शुरुवात सभी के परिचय के साथ किया गया । इसके बाद संस्था सचिव लता नेताम जी व हेम नारायण मानिकपुरी जी ने घर / परिवार के अंदर होने वाली हिंसा पर प्रकाश डालते हुए महिला घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 को स्पष्ट रूप से बताया । कब से भारत देश में लागू हुआ है इसके बारे में बताया गया और उनके प्रावधानों के बारे में व घरेलू हिंसा के प्रकार के अंतर्गत पहला शारीरिक हिंसा जिसमें शरीर के ऊपर चोट पहुंचना, शाररिक प्रताड़ना देना आता है |

इसके बाद मानसिक हिंसा जिसमें मानसिक रूप से ठेस पहुंचना, गाली गलौज करना,ताना मारना आदि फिर आर्थिक हिंसा यह पैसा , धन दौलत से जुदा हुआ है इसमें आर्थिक रूप से परेशान करना है | इसके बाद यौन हिंसा के बारे बताया गया, यौन से सम्बंधित सभी प्रकार के हिंसा है । कार्यक्रम में उपश्थित प्रतिभागी से हिंसा होने पर कहाँ जाये इसके बारे में जानकारी लिए फिर लता नेताम ने महिला घरेलू हिंसा के तहत सखी वन स्टॉप सेंटर के बार में बताया कि हम इससे सहायता प्राप्त कर सकते है | हिंसा होने पर 181 पर काल करके जानकारी दे सकते है, साथ ही इसके लिए जिला में महिला सरंक्षण अधिकारी के पास डी आई आर भी दर्ज करा सकते है |

सखी बन स्टॉप सेंटर महिला को पूरी सुरक्षा और कानूनी सहायता प्रदान करती है ।इसके बाद महिला घरेलू हिंसा के तहत काउंसिलिंग और डी आई आर के बारे विस्तार पूर्वक जानकारी दिया, जिसमें डी आई आर किन स्थितियों दर्ज होता है और कहा होगा ,साथ ही हमारे आस पास घरेलू हिंसा हो रहा हो तो रोकथाम के लिए सभी को आवाज उठाने के लिए आह्नान किया और सभी यूथ साथियों को उसके खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने के लिए आह्नान किया | समाज में जो असमानता है उसे दूर कर महिला पुरुष को सामान रूप से आगे आयेंगे तभी समाज विकाश पथ पर अग्रसर होगा बताया गया । इस प्रशिक्षण में संस्था के सभी स्टाफ और संगवारी महिला मंच से अनेशी बाई,रामशिला बाई,और लांछनी बाई, चमारीन बाई और किशोरियाँ मौजूद रही ।

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