चिरमिरी के श्री श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना, प्रदेश और मानव कल्याण की मांगी मंगलकामना
सुरेश मिनोचा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) : कोयलांचल नगरी चिरमिरी में शनिवार को उस समय पूरी तरह भक्तिरस में डूब गई, जब विश्वविख्यात संत एवं रामकथा मर्मज्ञ श्री रामभद्राचार्य का आगमन श्री श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर में हुआ। मंदिर परिसर में उनके स्वागत के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। “जय श्रीराम” और “जय जगन्नाथ” के उद्घोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।
जगद्गुरु ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी के दर्शन किए और वैदिक रीति-विधान के साथ विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की। उन्होंने देश, प्रदेश एवं समस्त मानव समाज के सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना की। मंदिर में गूंजते वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और भक्ति संगीत ने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंदिर समिति द्वारा पारंपरिक तरीके से जगद्गुरु का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
मंदिर प्रवास के दौरान जगद्गुरु ने मंदिर के महंत पुरुषोत्तम पुरी से सौजन्य मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। दोनों संतों के बीच भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और समाज में धार्मिक चेतना के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। जगद्गुरु ने महंत जी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना करते हुए उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी के दर्शन और आशीर्वाद पाने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने इसे अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण बताया। उनके आगमन से मंदिर परिसर देर तक श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहा।
गौरतलब है कि चिरमिरी में आयोजित धार्मिक आयोजनों के तहत जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी लगातार विभिन्न मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों में पहुंचकर पूजा-अर्चना और संतजनों से भेंट कर रहे हैं। उनके प्रवास से पूरे क्षेत्र में धार्मिक जागरण और सनातन संस्कृति के प्रति नई चेतना का संचार हो रहा है।



