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जनजातीय गरिमा उत्सव बना जनकल्याण का महाअभियान:गांव-गांव पहुंच रही शासन की योजनाएं, जनसुनवाई में मिल रहा त्वरित समाधान

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सुरेश मिनोचा एमसीबी: भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में 18 मई से 25 मई 2026 तक “जनजातीय गरिमा उत्सव अभियान” का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान जनजातीय समाज के सम्मान, अधिकारों और विकास को समर्पित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।अभियान के दौरान जिले के विभिन्न जनजातीय गांवों एवं आदि सेवा केंद्रों में जनसुनवाई, स्वास्थ्य शिविर, ग्राम भ्रमण, पौधारोपण, योजनाओं का संतृप्तिकरण, हितग्राहियों की समस्याओं का निराकरण एवं जन जागरूकता संबंधी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शासन की योजनाओं का सीधा लाभ मिले और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।

जिले के अधिकारी एवं कर्मचारी ब्लॉकवार ग्राम पंचायतों में पहुंचकर जनसुनवाई कर रहे हैं। इस दौरान ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं और मौके पर ही निराकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। अभियान के अंतर्गत आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, छात्रवृत्ति, आवास एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी जा रही है।ग्राम स्तर पर आयोजित शिविरों में लोगों को शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक करते हुए पात्र हितग्राहियों को लाभ से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है। अधिकारी ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देकर उन्हें योजनाओं से लाभान्वित होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। वहीं पौधारोपण कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश भी दिया जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में विकास और जनकल्याण की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभागीय समन्वय के साथ व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।

“जनजातीय गरिमा उत्सव अभियान” केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनजातीय समाज के सम्मान, सहभागिता और विश्वास को मजबूत करने का माध्यम बन रहा है। शासन की मंशा है कि जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाया जाए। जिले में चलाया जा रहा यह अभियान ग्रामीणों के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचा रहा है और शासन एवं प्रशासन के प्रति विश्वास को मजबूत कर रहा है।

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