Home छत्तीसगढ़ निर्माणाधीन 200 बिस्तरीय जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचीं कलेक्टर

निर्माणाधीन 200 बिस्तरीय जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचीं कलेक्टर

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सुरेश मिनोचा कोरिया : कोरिया कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रोक्तिमा यादव ने गुरुवार को बैकुंठपुर में निर्माणाधीन 200 बिस्तरीय नवीन जिला चिकित्सालय भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना के पुनः गति पकड़ने पर संतोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा कि अब निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री द्वारा हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य संबंधी परियोजनाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसी को निर्देशित करते हुए कहा कि ‘क्वालिटी, क्वांटिटी और टाइमिंग’ पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि ने जानकारी दी कि लंबे समय तक वित्तीय आबंटन के अभाव में रुका यह बहुप्रतीक्षित अस्पताल भवन निर्माण कार्य अब पुनः प्रारंभ हो चुका है तथा वर्तमान में द्वितीय तल स्लैब स्तर पर कार्य प्रगतिरत है। उन्होंने बताया कि आगामी एक वर्ष के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जानकारी के अनुसार, जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) द्वारा वर्ष 2021 में इस परियोजना हेतु लगभग 35 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी, जबकि सीजीएमएससी लिमिटेड द्वारा लगभग 31 करोड़ रुपये की तकनीकी स्वीकृति जारी की गई थी। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कार्यादेश जारी किया गया था। निर्माण कार्य 10 मई 2022 से प्रारंभ हुआ था।

अस्पताल भवन में कुल तीन तलों का निर्माण प्रस्तावित है। प्रारंभिक चरण में 13 करोड़ रुपये का आबंटन प्राप्त हुआ था, लेकिन बाद में अतिरिक्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्य द्वितीय तल स्लैब स्तर पर बंद हो गया था। हाल ही में डीएचएस मद से 23 करोड़ 59 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद निर्माण कार्य पुनः तेज गति से शुरू किया गया है।

कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल में प्रस्तावित सुविधाओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने ओपीडी, वार्ड, लैब, ऑपरेशन थिएटर, एक्सरे कक्ष, सोनोग्राफी कक्ष, लिफ्ट, रैम्प, शौचालय, पेयजल, वाहन पार्किंग, बिजली बैकअप, पानी निकासी, मरीजों एवं परिजनों के लिए कैंटीन तथा मेडिकल कक्ष सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी से जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि अस्पताल भवन में बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। रैम्प, लिफ्ट और आसान आवागमन की व्यवस्था को प्राथमिकता देने को कहा गया।

कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि जिला अस्पताल में आवश्यक सुविधाओं एवं उपकरणों का विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित हो रहे इस अस्पताल में बेहतर जांच एवं उपचार सुविधाओं के साथ आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह तथा सिविल सर्जन सह अधीक्षक जिला अस्पताल डॉ. आयुष जायसवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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