महासमुंद: पेट्रोल डीजल के वेट टैक्स में पचास प्रतिशत की कमी व सेस (टैक्स पर अतिरिक्त उपकर) को पूरी तरह खत्म करनपेट्रोलियम उत्पादों पर बढ़ती दरों के चलते उतपन्न महँगाई से जनता को केंद्र सरकार राहत दिलाए। सरकार को उक्त विषयो पर अविलंब कदम उठाना चाहिए। उक्त बातें अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय समन्वयक श्रीमती राशि त्रिभुवन महिलांग ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही।श्रीमती महिलांग ने कहा कि बढ़ती महंगाई से आम जनता बेहद परेशान है। वर्तमान समय पर पेट्रोल पर 27 प्रतिशत व डीजल पर 25 प्रतिशत के वेट कर में 50 प्रतिशत तक की कमी सरकार को करना चाहिए।
इसके अलावा सेस(टैक्स पर उपकरो)को भी पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए। पेट्रोल पर 22 रुपए व डीजल पर 20 रुपए प्रति लीटर टैक्स जनता से वसूला जा रहा है। डीजल के बढ़ते दामो के चलते ट्रांसपोर्ट भाड़ा व यात्री किराया, बढाने की मांग की जा रही है। ट्रांसपोर्ट भाड़ा बढ़ने से महँगाई और बढ़ेगी। तेल नमक शक्कर दवाई टायर ट्यूब सब्जी दाल अनाज इत्यादि सभी खाद्य व आवश्यक उत्पादों के दाम बढेंगे। कृषि कार्यो के लागत मूल्य में वृद्धि होगी। रोजमर्रा के कार्यो पर असर पढ़ने के चलते सबसे ज्यादा मजदूर व मध्यम वर्ग प्रभावित होगा।
महिलांग ने आगे कहा कि सरकार को अपने राजस्व लाभ के बजाए जनता को महँगाई विपदा से राहत दिलाने के प्रयासों को ईमानदारी व कड़ाई से लागू करने के सार्थक प्रयास करना होगा। सरकार एक ओर महँगाई से उपायों के लिए जनता को सीधे उपयोग कम करने की सलाह देती है। लेकिन अपने प्रयासों के सबंध में मौन धारण कर लेती है जो निंदनीय है। सरकार वस्तुओं के मूल्यवृद्धि रोक पर सुविचार प्रचारित के बजाए कारगर उपायों को जनता के समक्ष रखे।



