एमसीबी: दैनिक “आदित्य समय“ में 30 मई 2026 को प्रकाशित समाचार “तीन माह के राशन वितरण का डंका, लेकिन चना-शक्कर गायब“ के संबंध में संबंधित विभाग ने तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करते हुए समाचार में प्रकाशित दावों का खंडन किया है। विभाग ने कहा है कि समाचार में शासन द्वारा जारी आदेशों की वास्तविक मंशा और प्रावधानों को पूर्ण रूप से प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है।
जिला प्रशासन द्वारा जारी स्पष्टीकरण के अनुसार छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड, रायपुर के पत्र क्रमांक पीडीएस/खाद्य मंडल/2026-27/21 दिनांक 16 अप्रैल 2026 के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अप्रैल, मई एवं जून 2026 के लिए पात्र हितग्राहियों को तीन माह का चावल एकमुश्त भंडारण/वितरित करने के निर्देश जारी किए गए थे। इस आदेश का उद्देश्य केवल हितग्राहियों को चावल की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करना था, ताकि वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उक्त आदेश में कहीं भी चना, शक्कर अथवा नमक का तीन माह के लिए एकमुश्त वितरण करने का कोई उल्लेख या निर्देश नहीं दिया गया है। उक्त संबंध में बताना चाहेंगे कि नमक, शक्कर, चना मासिक आबंटन के आधार पर भंडारण करना है. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम तथा छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आवंटित चावल के भंडारण और वितरण का ही प्रावधान किया गया है। स्पष्टीकरण में बताया गया है कि सामान्य राशनकार्डधारियों को चावल के अतिरिक्त शक्कर, नमक एवं अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण नागरिक आपूर्ति निगम में उपलब्ध स्टॉक तथा शासन द्वारा प्रत्येक माह जारी किए जाने वाले पृथक आवंटन के आधार पर किया जाता है। इन सामग्रियों की आपूर्ति मासिक आवंटन व्यवस्था के अनुरूप होती है, न कि तीन माह के अग्रिम वितरण के रूप में।
प्रशासन ने यह भी बताया कि संबंधित आदेश के बिंदु क्रमांक-4 में अंत्योदय, प्राथमिकता, निराश्रित एवं निःशक्तजन राशन कार्डधारियों को उनकी पात्रता के अनुसार तीन माह का चावल उपलब्ध कराने संबंधी जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बिंदु में भी चना, शक्कर या नमक के तीन माह के वितरण का कोई उल्लेख नहीं है।जिला प्रशासन के अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत चना, शक्कर एवं नमक का वितरण शासन द्वारा समय-समय पर जारी मासिक आवंटन, उपलब्ध स्टॉक तथा पृथक निर्देशों के अनुरूप किया जाता है। इसलिए केवल चावल के अग्रिम वितरण संबंधी आदेश के आधार पर अन्य सामग्रियों के तीन माह के एकमुश्त वितरण की अपेक्षा करना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं है।
प्रशासन ने कहा कि प्रकाशित समाचार में यह संकेत दिया गया है कि शासन के आदेश के बावजूद हितग्राहियों को तीन माह का चना, शक्कर एवं नमक नहीं दिया गया, जबकि उपलब्ध शासकीय आदेशों में ऐसी कोई व्यवस्था ही नहीं है। इस कारण समाचार में प्रकाशित दावा शासन के आदेशों की वास्तविक भावना, प्रावधानों एवं तथ्यों के अनुरूप नहीं है। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित जानकारी के लिए केवल अधिकृत शासकीय आदेशों एवं आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें तथा किसी भी प्रकार की भ्रमित करने वाली जानकारी पर विश्वास करने से पूर्व उसकी तथ्यात्मक पुष्टि अवश्य कर लें।


