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अधिकारी पूरी तैयारी के साथ समय-सीमा की बैठक में हों उपस्थित- कलेक्टर रोक्तिमा यादव

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कोरिया : कलेक्टर रोक्तिमा यादव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष, बैकुंठपुर में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभागवार लंबित प्रकरणों, उपलब्धियों तथा विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।

बैठक की शुरुआत राजस्व, वन, आदिम जाति विकास तथा पंचायत विभाग में लंबित प्रकरणों की समीक्षा से हुई। कलेक्टर ने कहा कि लंबे समय तक प्रकरणों का निराकरण न होना अत्यंत गंभीर विषय है। प्रत्येक कार्य के लिए समय-सीमा निर्धारित है और यदि कोई विभागीय अधिकारी लंबे समय तक प्रकरणों का निराकरण नहीं करता है तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी।

उन्होंने एसडीएम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास, एसडीओ वन सहित अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि वे प्रत्येक मामले की पूरी जानकारी रखें, जिसमें प्रकरण का विषय, लंबित रहने की अवधि, प्रस्तुत जवाब-दावा तथा न्यायालय के निर्देश शामिल हों। उन्होंने न्यायालयीन प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए समय पर जवाब-दावा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारी से कहा कि खेती-किसानी का समय आ रहा है, ऐसे में किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध हो, समितियों में कर्मचारी उपस्थित रहें ताकि किसानों को किसी तरह की कोई असुविधा न हो। साथ ही किसानों को दलहन, तिलहन खेती को अपनाने के लिए प्रेरित करने की बात कही।

कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में अधिकांश आवेदन राजस्व विभाग से संबंधित प्राप्त हुए हैं। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों का त्वरित निराकरण किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा प्राप्त आवेंदनो का निराकरण गुणवत्तापूर्ण व तेजी से करें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि किसानों एवं ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े। इसके लिए पटवारी, आरआई, तहसीलदार एवं एसडीएम लोगों की समस्याओं को सुनें और उनका समय पर निराकरण सुनिश्चित करें। बैठक में भूमि सीमांकन, विवादित एवं अविवादित भूमि प्रकरणों तथा वनाधिकार पट्टों की भी समीक्षा की गई। साथ ही अधीनस्थ अमले को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए जाएं ताकि लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन विषयों पर शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उनकी जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। वहीं, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के अधिकारी को पेयजल समस्याओं का त्वरित निराकरण करने तथा खराब हैंडपंपों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिवों से भी खराब हैंडपंपों की जानकारी नियमित रूप से प्राप्त करने को कहा।

बैठक के दौरान कुछ अधिकारियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर नहीं दिए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भविष्य में सभी अधिकारी बैठक में पूरी तैयारी के साथ उपस्थित हों।

कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं की जानकारी दूरस्थ अंचलों तक पहुंचाने में मीडिया और सोशल मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कई ऐसी योजनाएं हैं जिनका लाभ आमजन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन पर्याप्त जानकारी के अभाव में लोग उनसे वंचित रह जाते हैं। इस संबंध में उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से योजनाओं की जानकारी जनसंपर्क कार्यालय को उपलब्ध कराएं, ताकि आमजन तक तथ्यात्मक जानकारी पहुंच सके और अधिक से अधिक लोग योजनाओं का लाभ उठा सकें।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर डी.डी. मण्डावी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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