अनूपपुर/कोतमा :वन परिक्षेत्र कोतमा के अंतर्गत कल्याणपुर बीट में केवई नदी तट के किनारे वन भूमि पर हुए कथित अवैध अतिक्रमण और बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। घटना के लगभग 2 माह बीतने को हैं मगर कटाई में प्रयुक्त पोकलेन मशीन की जब्ती नहीं होने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक संगठनों एवं स्थानीय नागरिकों ने मामले में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
15 अप्रैल को कल्याणपुर बीट क्षेत्र में केवई नदी के तटवर्ती वन क्षेत्र में कथित रूप से पोकलेन मशीन की सहायता से दर्जनों फलदार एवं इमारती वृक्षों को उखाड़कर नष्ट कर दिया गया था। आरोप है कि वन भूमि पर अतिक्रमण कर निमार्ण एवं अन्य गतिविधियों के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई की गई। मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, पर्यावरण प्रेमियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने वन विभाग को शिकायतें सौंपी थीं।
वन विभाग द्वारा बाद में कार्यवाही करते हुए लगभग सात घन मीटर अवैध रूप से काटी गई लकड़ी जब्त कर वन अपराध दर्ज किया गया। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की और लकड़ी को अपने कब्जे में लिया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस पोकलेन मशीन का उपयोग कथित रूप से पेड़ों को उखाड़ने और वन भूमि को समतल करने में किया गया, उसे अब तक जब्त नहीं किया गया है। ग्रामीणों व पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की जाए।
इनका कहना है।
विवेचना जारी है, संबंधित चीजों को बारीकी से जांच की जा रही है।
हरीश तिवारी, वन परिक्षेत्राधिकारी, कोतमा



