Home छत्तीसगढ़ छेड़खानी एवं महिला की गरिमा भंग करने के मामले में तीन आरोपी...

छेड़खानी एवं महिला की गरिमा भंग करने के मामले में तीन आरोपी दोषसिद्ध

0

रायगढ़ : श्री दामोदर प्रसाद चंद्रा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, घरघोड़ा के न्यायालय द्वारा छेड़खानी एवं महिला की गरिमा भंग करने के एक महत्वपूर्ण प्रकरण में तीन आरोपियों तरुण कुमार साहू, छबिलाल साहू एवं उग्रसेन साहू को दोषसिद्ध पाते हुए 03-03 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया है।

मामला थाना पूंजीपथरा क्षेत्र का है, जिसकी विवेचना तत्कालीन थाना पूंजीपथरा में पदस्थ उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा की गई थी। अभियोजन की ओर से प्रकरण की प्रभावी पैरवी श्री सत्यनारायण महिलाने, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई।

अभियोजन के अनुसार, दिनांक 23 अक्टूबर 2020 को पीड़िता ने थाना पूंजीपथरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 14 अक्टूबर 2020 को वह अपने मंगेतर के साथ मोटरसाइकिल से बंजारी मंदिर, तराईमाल दर्शन करने गई थी। मंदिर से वापस लौटते समय गोदगोदा नाला घाट के समीप पीड़िता दिशा मैदान के लिए नाला की ओर गई थी। उसी दौरान आरोपी तरुण साहू, छबिलाल साहू एवं उग्रसेन साहू वहां पहुंचे और पीड़िता तथा उसके मंगेतर के साथ गाली-गलौज करते हुए उनके पास से नगदी एवं मोबाइल ले लिए। आरोपियों ने पीड़िता के साथ अश्लील हरकत करते हुए उसके और उसके मंगेतर के कपड़े उतरवाकर अश्लील फोटो एवं वीडियो तैयार किए तथा उन्हें वायरल करने की धमकी देकर राशि की मांग की।

पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना पूंजीपथरा में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान तत्कालीन विवेचक उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा पीड़िता सहित अन्य गवाहों के कथन दर्ज किए गए तथा तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जप्त किए गए। जप्त मोबाइलों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया गया, जिसमें आरोपियों द्वारा पीड़िता के अश्लील वीडियो बनाए जाने के साक्ष्य प्राप्त हुए।

विचारण के दौरान माननीय न्यायालय में पीड़िता, उसके मंगेतर सहित कुल 09 साक्षियों के बयान कराए गए तथा 16 दस्तावेजी एवं भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने साक्ष्यों एवं गवाहों के कथनों के आधार पर यह पाया कि आरोपियों द्वारा पीड़िता की अश्लील फोटो एवं वीडियो तैयार कर उन्हें वायरल करने की धमकी दी गई तथा महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई। न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए तीनों आरोपियों को धारा 354-क, 354-ग एवं 509-क भारतीय दंड संहिता के तहत दोषसिद्ध पाया तथा धारा 354-क एवं 354-ग के तहत 03-03 वर्ष, 509-क में 01-01 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। हालांकि, अभियोजन पक्ष लूटपाट से संबंधित धाराओं को सिद्ध करने में सफल नहीं हो सका।

यह निर्णय महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के मामलों में प्रभावी विवेचना एवं सशक्त अभियोजन के महत्व को रेखांकित करता है तथा ऐसे अपराधों के प्रति न्यायालय के गंभीर दृष्टिकोण को दर्शाता है।

👉🏻 एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश —

“महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के विरुद्ध अपराध करने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस सशक्त विवेचना कर दोषियों को न्यायालय से कठोर दंड दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here