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जिले में बैंकिंग क्रांति को गति देने कलेक्टर की सख्ती, हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे ऋण और योजनाओं का लाभ

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सुरेश मिनोचा एमसीबी : जिले में बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लीड डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर क्षितिज वर्मा, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री अनुपम तिवारी, लीड बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी, विभिन्न बैंक शाखाओं के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जिले की बैंकिंग व्यवस्था, ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो), वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक ऋण योजना (एसीपी) की उपलब्धियों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हुए ऋण वितरण में गति लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य तभी पूर्ण होगा जब उनका लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऋण संबंधी लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए, पात्र आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा स्वीकृत प्रकरणों में ऋण वितरण की प्रक्रिया को तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और बैंकिंग संस्थानों के समन्वित प्रयासों से ही जिले में आर्थिक विकास और स्वरोजगार को नई गति मिल सकती है।

बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में राष्ट्रीयकृत, क्षेत्रीय ग्रामीण, निजी एवं जिला सहकारी बैंक मिलाकर कुल 17 बैंक संचालित हैं, जिनकी 59 शाखाएं नागरिकों को बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इसके अलावा 36 एटीएम के माध्यम से लोगों को नकदी निकासी और डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को नगद ऋण सीमा उपलब्ध कराने की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि महिला समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने बैंकों को निर्देश दिए कि समूहों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा उनकी आयवर्धक गतिविधियों के विस्तार के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत रेहड़ी-पटरी एवं छोटे व्यवसायियों को दिए जा रहे ऋण तथा नई ऋण सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबित आवेदनों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।

बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) कृषि, पशुपालन एवं मत्स्यपालन ऋण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना कृषि उत्पादन और ग्रामीण समृद्धि के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पात्र कृषकों के प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृत करने तथा ऋण वितरण में तेजी लाने पर जोर दिया।प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना तथा अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और नए उद्यम स्थापित करने के लिए बैंकिंग सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

बैठक में आधार डेटा (Aadhaar Data) की स्थिति एवं विभिन्न योजनाओं में आधार सीडिंग की प्रगति पर भी चर्चा की गई, ताकि लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त हो सके।सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), अटल पेंशन योजना (APY) तथा प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को इन योजनाओं से जोड़ने एवं वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) की गतिविधियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा भी की गई। युवाओं को कौशल विकास एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए संस्थान की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर नाबार्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं तथा राज्य शासन की नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत उपलब्ध संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अनुपम तिवारी ने ग्रामीण विकास, कृषि आधारित उद्यमों एवं वित्तीय सहयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

बैठक के अंत में कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं का उद्देश्य केवल ऋण वितरण नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक अवसरों की रोशनी पहुंचाना है। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करते हुए जिले में वित्तीय समावेशन, स्वरोजगार, उद्यमिता और समग्र आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

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