चौबीस घंटे सक्रिय बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष शुरू
बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने पर फोन नंबर 07706-241288 पर कॉल करके दे सकते हैं सूचना
कलेक्टर बीएस उइके ने बाढ़ आपदा प्रबंधन समिति की बैठक लेकर दिए निर्देश
राधेश्याम सोनवानी,गरियाबंद :- कलेक्टर बीएस उइके ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बाढ़ आपदा प्रबंधन समिति की बैठक ली। उन्होंने वर्तमान बारिश के मौसम को देखते हुए अत्यधिक जल भराव वाले जगहों का चिन्हांकन कर बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। साथ ही वनांचलों के गांवों में रहने वाले लोगों को बाढ़ से बचाने के अलावा मौसमी बीमारियों से भी बचाव के लिए जागरूक एवं आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री उइके ने जिले के जलप्रपातों, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम तथा अत्यधिक जलभराव की स्थिति में लोगों की सुरक्षा के लिए किये जाने वाले उपायों पर विस्तृत चर्चा कर सभी व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिये। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ से संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश की भी रेडियम पट्टी युक्त सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिये। पर्यटन स्थलों में आवश्यक संख्या में सुरक्षा अधिकारी भी तैनात करने के निर्देश दिये। उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों से जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी लेकर ऐसे क्षेत्रों में जागरूकता के लिए सूचना बोर्ड लगाने तथा लोगों को बाढ़ के प्रति जागरूक करने के भी निर्देश दिये। साथ ही एसडीएम को अपने-अपने अनुविभाागों में भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना करने एवं कक्ष में नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर उन्हें क्रियाशील करने के निर्देश दिये।
इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। अत्यधिक जल भराव एवं बाढ़ की सूचना फोन नम्बर 07706-241288 पर दें – जिले में बाढ़ आपदा नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है। कलेक्टर श्री उइके ने बाढ़ आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में बाढ़ से निपटने सभी जरूरी तैयारियां पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने पूर्व में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां जान-माल की सुरक्षा के लिए अभी से सभी तैयारियां दुरूस्त करने के निर्देश दिये। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सभी गांवों में शिविर एवं ठहरने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जिससे आपातकालीन स्थितियों में लोगों का बचाव किया जा सके। साथ ही सभी पंचायतों में आवश्यक मात्रा में खाद्यान्न भण्डारण भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था एवं साफ पानी के लिए आवश्यतानुसार ब्लीचिंग पाउडर की भी व्यवस्था करने के निर्देश दिये।



